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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UPSC 2019 Civil Services Final Result 2019 : चार बार चखा असफलता का स्वाद, फिर भी नहीं हारीं हिम्मत, पांचवीं बार सफलता ने मूमल के चूमे कदम Jamshedpur News

By Vikas SrivastavaEdited By:
Published: Tue, 04 Aug 2020 04:03 PM (IST)

उनका कहना है कि परिवार की वजह से ही वे कभी निराश नहीं हुईं। वर्ष 2016 में यूपीएससी के दिल्ली में पठन-पाठन के दौरान कोचिंग की थी।

UPSC 2019 Civil Services Final Result 2019 : चार बार चखा असफलता का स्वाद, फिर भी नहीं हारीं हिम्मत, पांचवीं बार सफलता ने मूमल के चूमे कदम Jamshedpur News
UPSC 2019 Civil Services Final Result 2019 : चार बार चखा असफलता का स्वाद, फिर भी नहीं हारीं हिम्मत, पांचवीं बार सफलता ने मूमल के चूमे कदम Jamshedpur News

जमशेदपुर (जासं) । जमशेदपुर के सर्किट हाउस क्षेत्र में रहने वाली मूमल राजपुरोहित ने यूपीएससी की परीक्षा के पांचवें प्रयास में सफलता पाई है। इंटरव्यू के बाद मंगलवार को यूपीएससी द्वारा जारी परीक्षा परिणाम में मूमल को 173वां रैंक प्राप्त हुआ है। मूमल ने बताया कि उन्होंने दो बार मेंस की परीक्षा दी थी। मूमल के पिता जब्बर सिंह जमशेदपुर में ही वन संरक्षक के पद पर पदस्थापित हैं। पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए मूमल ने यूपीएससी क्रेक करने की उम्मीद नहीं छोड़ी और अंतत: उन्हें सफलता हाथ लगी।

अपनी सफलता का सारा श्रेय उन्होंने अपने परिवार को दिया। उनका कहना है कि परिवार की वजह से ही वे कभी निराश नहीं हुईं। वर्ष 2016 में यूपीएससी के दिल्ली में पठन-पाठन के दौरान कोचिंग की थी। उसके बाद सेल्फ स्टडी की। पढ़ाई हमेशा गोल सेट कर पढ़ा। जितनी आगे पढ़ती गई  विश्वास उतना बढ़ता गया। इसी विश्वास से यह सफलता प्राप्त हुई। मूमल की मां रेखा राजपुरोहित गृहणी है। घर में दो भाई व एक बहन हैं। सब उनसे छोटी है। 

प्रोफाइल

दसवीं तक : कृष्णा कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, जोधपुर

बारहवीं तक : डीपीएस जोधपुर

ग्रेजुएशन : इंद्रप्रस्थ कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी, पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स

एमए : जेएनयू, दिल्ली, इंटरनेशनल रिलेशनशिप

छात्रों को संदेश

अपने उपर आत्मविश्वास होना चाहिए। असफलताओं से घबराना नहीं है। धैर्य के साथ अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सकारात्मक सोच के साथ के आगे बढ़े। आपको सफलता अवश्य मिलेगी। यूपीएससी की परीक्षा एक साल तक चलती है। इस कारण इसमें धैर्य का अहम रोल है।