विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जादूगोड़ा यूसील में स्‍थानीय की अनदेखी पर ठेका मजदूर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे, कामकाज ठप

Published: Wed, 03 Dec 2025 09:57 PM (IST)

जादूगोड़ा यूसील में ठेका मजदूर स्थानीय लोगों की अनदेखी के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं, जिससे कामकाज ...और पढ़ें

जादूगोड़ा यूसील में लंबित आठ सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे कामगोरों के साथ वार्ता करते प्रबंधन और पुलिस  पदाधिकारी।

जादूगोड़ा यूसील में लंबित आठ सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे कामगोरों के साथ वार्ता करते प्रबंधन और पुलिस पदाधिकारी।

HighLights

  1. यूसील जादूगोड़ा में ठेका मजदूरों का धरना

  2. स्थानीय लोगों की अनदेखी का आरोप

  3. धरने से यूसील में कामकाज ठप

संवाद सूत्र, जादूगोड़ा। जादूगोड़ा स्थित यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) में ठेका मजदूरों ने अपनी लंबे समय से लंबित आठ सूत्री मांगों को लेकर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। मंगलवार शाम झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला संयोजक बघराय मार्डी ने हड़ताल की घोषणा की।
 
उन्‍होंने कहा कि मजदूरों को बार-बार ज्ञापन देने और बैठकों के बावजूद प्रबंधन ने उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके कारण मजबूरन हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा। 
 
बुधवार को यूसील प्रबंधन की ओर से उपमहाप्रबंधक राकेश कुमार के साथ लगभग छह घंटे की लगातार वार्ता चली। लेकिन मजदूरों की आठ सूत्री मांगों पर एक भी बिंदु पर सहमति बनने के आसार नहीं दिखे। 
 
वार्ता विफल होने के बाद बघराय मार्डी ने कहा कि गुरुवार को भी हड़ताल पूरी तरह जारी रहेगी। आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
 

बाहरी उम्मीदवारों को बढ़ावा देने का आरोप, आंदोलन की चेतावनी 

ठेका मजदूरों की हड़ताल के बीच यूसील द्वारा निकाली गई 95 स्थायी पदों की नई भर्ती को लेकर भी स्थानीय ग्रामीणों और विस्थापित परिवारों में आक्रोश बढ़ गया है। मजदूर नेता बघराय मार्डी ने कहा कि दो वर्ष पहले 45 पदों की वैकेंसी को रद करने की मांग की गई थी। 
 
परंतु प्रबंधन ने उस पर निर्णय नहीं लिया। अब 95 नई वैकेंसी निकाल दी गई है, जिसमें स्थानीय युवाओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। मार्डी ने कहा कि यूसीआईएल ने 30 प्रतिशत स्थानीय आरक्षण का दावा किया है, लेकिन भर्ती शर्तों को देखकर लगता है कि यह केवल दिखावा है। 
 
सभी पदों के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का स्किल्ड अनुभव अनिवार्य किया गया है, जो स्थानीय विस्थापित युवाओं के पास नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह शर्त जानबूझकर इस तरह बनाई गई है कि स्थानीय उम्मीदवार आवेदन ही न कर सकें और बाहरी लोगों को लाभ मिले।
 

हड़ताल से उत्पादन पर असर 

हड़ताल का सीधा प्रभाव जादूगोड़ा माइंस की उत्पादन प्रक्रिया पर देखने को मिल रहा है। अयस्क ढुलाई, केनासिंग, परिवहन और अन्य आवश्यक कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। इससे यूसीआईएल के विभिन्न प्रोडक्शन यूनिट प्रभावित होने लगे हैं।

बैठक में मुसाबनी सीओ पवन कुमार, बीडीओ, जादूगोड़ाथाना प्रभारी राजेश कुमार मंडल, इंस्पेक्टर सुरेश प्रसाद और ठेका मजदूरों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

 

ठेका मजदूरों की मांगें 

  • मृतक ठेका कर्मचारी रांबे सोरेन के आश्रित को तत्काल नियुक्ति
  • मृतक जून माहली के आश्रित को नौकरी
  • मृतक अजय मुर्मू की मृत्यु तिथि सुधारकर डेथ क्लेम इंश्योरेंस उपलब्ध कराना
  • मृतक दारासिंह नायक की मृत्यु तिथि सुधारकर क्लेम दिलाना
  • विस्थापित परिवारों की नियुक्ति सूची (क्रम संख्या 13–24) जारी कर बहाली
  • एल/ईएल भुगतान सुनिश्चित करना और छुट्टी कटौती पर रोक
  • कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों में सुधार
  • कार्यस्थल दुर्घटनाओं में मृतक कर्मियों के आश्रितों को तत्काल नौकरी तथा ठेका मजदूरों की समस्याओं का स्थायी समाधान(