जमशेदपुर : देश में जितनी तेजी से इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ती जा रही है वैसी ही अपराधियों द्वारा साइबर हमले भी तेज हो रहे हैं। साइबर अपराधी कई बैंक खाताधारक से लेकर उन कंपनियों को अपना निशाना बनाती है जिनके पास पर्याप्त या अच्छे सुरक्षा प्रणाली नहीं है। जमशेदपुर में भी आए दिन कई स्थानीय निवासियों को साइबर अपराधी अपना शिकार बनाते हैं। वहीं, पिछले दिनों यहां की एक बड़ी कंपनी पर भी साइबर अटैक कर अपराधियों ने रैंसमवेय से अटैक कर कंपनी को काफी आर्थिक नुकसान पहुंचाया था।

टाटा एलेक्सी ने तैयार किया है नया सॉफ्टवेयर जो बचाएगा आपका डेटा

आपको बता दें कि टाटा समूह की कंपनी ने सिक्योरिटी टेस्ट ऑटोमेशन फ्रेमवर्क (एसटीएएफ) विकसित किया है। टाटा एलेक्सी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ विवेकचंद्रन एनवी और प्रसन्ना वी बालाजी का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के युग में साइबर सुरक्षा चुनौतियों भी बढ़ी है ऐसे में उनका सॉफ्टवेयर कंपनी के नेटवर्क के भीतर सिक्योरिटी सिस्टम के लूप प्वाइंट को ठीक करता है जिसकी मदद से ही हैकर फायदा उठाते हैं। नया सॉफ्टवेयर सिस्टम को दुरूस्त कर उसका समाधान भी बताता है। टाटा एलेक्सी का नया सॉफ्टवेयर एक बार किसी कंपनी के नेटवर्क काे एनालिसिस करने के बाद उसकी रिपोर्ट भी क्लाइंट को देता है।

नेटवर्क में कहां है खामी बताता है स्वचालित सिस्टम

टाटा एलेक्सी का स्वचालित सिस्टम किसी भी नेटवर्किंग उपकरणों से जुड़े जोखिमों की न सिर्फ पहचान करता है बल्कि उसे कैसे ठीक किया जा सकता है, इसकी भी जानकारी देता है। टाटा एलेक्सी का नया सिस्टम कई उद्योगों को कुछ ही घंटे में उनके डेटा को हैक होने से भी बचाया है। जिस तेजी से टेक्नोलॉजी का विकास हो रहा है उसी स्पीड से हैकर भी अपने आपको अपडेट कर रहे हैं। टाटा एलेक्सी ने दावा किया है कि साइबर हमलों के खिलाफ उनका सॉफ्टवेयर काफी कारगर है।

क्लाउड के माध्यम से किया जा सकता है उपयोेग

एसटीएएफ सॉफ्टवेयर को क्लाउड के माध्यम से कोई भी कंपनी उपयोग में ला सकती है। जो कंपनी के बुनियादी ढ़ांचे सहित सीआई और सीडी सेवा को एकीकृत करता है। इससे कंपनी के नेटवर्किंग में होने वाली किसी भी तरह के जोखिम कम हो जाता है और कंपनी को सिक्योड नेटवर्किंग सिस्टम मिलता है जो काफी विश्वसनीय होता है।

कई कंपनियों का डेटा हैक होने से बचाया

टाटा एलेक्सी का नया सॉफ्टवेयर ने कई कंपनियों के डेटा लीक होने से बचाया। इसमें फॉर्च्यून 500 कंपनियां भी शामिल है। इसमें टेली कम्युनिकेशन, मीडिया, ऑटोमोटिव, हेल्थकेयर जैसी कंपनियां शामिल है। एसटीएएफ का सॉफ्टवेयर स्नीफिंग, मैन इन द मीडिल और ईव्य ड्रापिंग जैसे हमलों को रोकने के लिए कंपनी को सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ एंड टू एंड एंक्रिएशन की सुविधा देती है। इसमें सर्टिफिकेट आथिरिटी की गारंटी भी दी जाती है।

बढ़ते जाएंगे साइबर अपराध

विवेकचंद्रन एनवी और प्रसन्ना वी बालाजी का दावा है कि डिजिटलीकरण युग में साइबर अपराध बढ़ते जाएंगे। क्योंकि हैकर भी स्मार्ट हो रहे हैं और वे किसी भी नेटवर्क को हैक करने के लिए रैंसमवेयर, स्फेयर फ़िशिंग, जीरो-डे का इस्तेमाल कर रहे हैं। जो हमारे डेटा और गोपनीयता के लिए नुकसानदेह है इसलिए इनकी सुरक्षा बेहद जरूरी है।

Edited By: Jitendra Singh