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    Sidhath Shukla: 40 की उम्र में अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला को क्यों आया हार्ट अटैक, आप भी बरते सावधानी

    By Rakesh RanjanEdited By:
    Updated: Sun, 05 Sep 2021 05:21 PM (IST)

    Sidhath Shukla हृदय रोग का एक प्रमुख कारण ब्लड शुगर भी है। ब्लड शुगर के मरीजों में दिल की बीमारी से मरने का खतरा दो से चार प्रतिशत अधिक रहता है। कई लोगों को तो पता भी नहीं चलता और उन्हें हार्ट अटैक आ जाता है।

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    महज 40 की उम्र में हार्ट अटैक से मौत होना, यह सुनकर विश्वास नहीं होता।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। महज 40 की उम्र में हार्ट अटैक से मौत होना, यह सुनकर विश्वास नहीं होता। लेकिन अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला के साथ ऐसा ही हुआ है। उन्होंने दुनिया को अलविदा कर दिया है। कूपर हॉस्पिटल के मुताबिक, उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। हालांकि, स्पष्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। इतनी कम उम्र में दुनिया को अलविदा कह वे चले गए लेकिन उनके शुभचिंतकों को यह भरोसा नहीं हो रहा है कि वह अब हमारे बीच नहीं रहें।

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    हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि भागदौड़ की जिंदगी में हार्ट की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण बदलती जीवनशैली है। जिंदगी की रेस में सफल होने के लिए लोगों को दौड़ना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों की दिनचर्या अनियमित हो गई है। न तो समय पर नाश्ता हो पाता है और न ही शारीरिक श्रम। ऐसे में शरीर कम समय में ही दगा दे रहा है। कई तरह की बीमारी जन्म ले रही है, जिससे हार्ट को सीधे नुकसान पहुंचता है।

    ब्लड शुगर : हृदय रोग का एक प्रमुख कारण ब्लड शुगर भी है। ब्लड शुगर के मरीजों में दिल की बीमारी से मरने का खतरा दो से चार प्रतिशत अधिक रहता है। कई लोगों को तो पता भी नहीं चलता और उन्हें हार्ट अटैक आ जाता है। जब जांच कराई जाती है तो पता चलता है कि वे ब्लड शुगर के भी रोगी हैं। ऐसे में ब्लड शुगर के रोगियों को विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।

    ब्लड प्रेशर की जांच : 40 साल के बाद लोगों को नियमित तौर पर ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए। क्योंकि ब्लड प्रेशर बढ़ने से कई तरह का खतरा रहता है। इसका सीधा असर कोरोनरी धमनियों पर पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है।

    लिपिड प्रोफाइल की जांच : 40 साल के बाद अगर आपकी तबीयत खराब होती है और आप डॉक्टर के पास पहुंचते हैं तो अधिकांश डॉक्टर आपको एक बार लिपिड प्रोफाइल की जांच कराने की सलाह देते हैं ताकि लगभग सभी चीज की जानकारी मिल सकें। लिपिड प्रोफाइल जांच एक रुटीन जांच होती है। इसमें ब्लड में प्रोटीन, कोलेस्ट्रॉल की मात्रा सहित अन्य की जानकारी मिल जाती है। चिकित्सकों का कहना है कि कोलेस्ट्रोल के बढ़ने से भी हार्ट अटैक का खतरा बना रहता है।