Rupi Soren Death : पिता के साए के बाद मां का आंचल भी छुटा: दुखों के समंदर में डूबा सोरेन परिवार, जमशेदपुर में पसरा सन्नाटा
रूबी सोरेन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी, के निधन से जमशेदपुर सहित पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन से बुधवार को लौहनगरी शोक में डूब गई।
HighLights
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूबी सोरेन का निधन।
झारखंड आंदोलन में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका।
पूरे जमशेदपुर और राज्य में शोक की लहर।
जासं, जमशेदपुर। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन की खबर से बुधवार को लौहनगरी जमशेदपुर समेत पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।
हाल ही में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के देहांत के बाद सोरेन परिवार पर यह दूसरा बड़ा वज्रपात है। जैसे ही रूपी सोरेन के निधन की सूचना मिली, जमशेदपुर के राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में गहरा सन्नाटा पसर गया।
चांडिल के धातकीडीह में था मायका
रूपी सोरेन का मायका सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड स्थित धातकीडीह गांव में था। उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के लंबे, कठिन और संघर्षपूर्ण झारखंड अलग राज्य आंदोलन को बहुत करीब से देखा था।
जिस समय दिशोम गुरु टुंडी के घने जंगलों में आंदोलन की अलख जगा रहे थे, उस कठिन दौर में रूपी सोरेन ने नेमरा में पूरे परिवार को दृढ़ता और साहस के साथ संभाला।
उन्होंने वर्ष 1999 में दुमका लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। एक बड़े राजनीतिक परिवार की धुरी होने के बावजूद वे जीवनभर सादगी की प्रतिमूर्ति बनी रहीं। उनका वात्सल्य, त्याग और संघर्षशील जीवन झारखंड के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।
किसने क्या कहा: दिग्गजों ने जताया गहरा दुख
- बन्ना गुप्ता (पूर्व स्वास्थ्य मंत्री): रूपी सोरेन जी का जाना अत्यंत पीड़ादायक है। जीवन में मां का स्थान कोई नहीं ले सकता। उन्होंने हर विपरीत परिस्थिति में परिवार को मजबूती दी। दुख की इस घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं सोरेन परिवार के साथ हैं।
- सरयू राय (विधायक, जमशेदपुर पश्चिम): मुख्यमंत्री की पूजनीया माताजी के निधन की खबर अत्यंत मर्माहत करने वाली है। उन्होंने एक सार्थक जीवन जीकर स्नेह और वात्सल्य की अनमोल विरासत छोड़ी है। ईश्वर पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें।
- सुधा गुप्ता (मेयर, मानगो नगर निगम): रूपी सोरेन का निधन अपूरणीय क्षति है। वे त्याग और ममत्व की मिसाल थीं। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं सोरेन परिवार के साथ हैं।
- हिदायत खान (अध्यक्ष, राज्य अल्पसंख्यक आयोग): रूपी सोरेन का निधन पूरे झारखंड के लिए एक बड़ा आघात है। वे झारखंड आंदोलन की मूक प्रेरक शक्ति थीं।
- मंगल कालिंदी (विधायक, जुगसलाई): सिर से मां का साया उठना जीवन का सबसे असहनीय कष्ट होता है। रूपी सोरेन जी ने तमाम संघर्षों के बीच पूरे परिवार को संजोकर रखा।
- राजेश कुमार शुक्ल (उपाध्यक्ष, झारखंड स्टेट बार काउंसिल): रूपी सोरेन जी ने शिबू सोरेन जी के साथ मिलकर झारखंड आंदोलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दे।
यह भी पढ़ें- सोहराय पर अब कौन गाएगा वो मीठे लोकगीत: रूपी सोरेन के निधन से धतकीडीह का हर बुजुर्ग आंखें नम कर बैठा
