मुसाबनी, जासं। प्रखंड के 90 डीलरों को प्रज्ञा केंद्रों से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सोमवार को मुसाबनी प्रखंड सभागार में जमशेदपुर से आए सीएससी मैनेजर विपिन कुमार एवं सरोज कुमार द्वारा कई पीडीएस दुकान के संचालकों के दुकान का पंजीकरण कर उसे सीएससी सिस्टम से जोड़ दिया गया।झारखंड राज्य में जन वितरण प्रणाली से जुड़े डीलरों के हाथ और मजबूत करने की तैयारी में सरकार जोर-शोर से जुटी है ।पीडीएस दुकानदारों के कमीशन की राशि सम्मानजनक बनाने को लेकर सरकार द्वारा यह कार्रवाई शुरू की गई है।

अब डीलरों को मिलेगी ये सुविधा

अब डीलर अपने दुकानों पर केवल तेल, गेहूं, चीनी नहीं बाटेंगे, ब्लकि वे अब जन्म -मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड में सुधार ,बिजली बिल ,मोबाइल, टीवी रिचार्ज और ऐसे काम भी करेंगे। जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होती रहे। खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, झारखंड ने डीलरों को (सीएससी) कॉमन सर्विस सेंटर में कन्वर्ट करने की तैयारी शुरू कर दी है ।अलग-अलग जिलों के प्रखंडों में डीलरों को प्रज्ञा केंद्र सेवा प्रदाता के तौर पर आगे बढ़ने को तैयार किया जा रहा है। यानी अब डीलर के राशन की दुकान पर राशन के अलावे ऑनलाइन सुविधा लोगों को 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। पहले चरण में राज्य के 6737 दुकान को प्रज्ञा केंद्र में परिणत किए जाने का सरकार का टारगेट है।

हजारो प्रज्ञा केंद्र पर उपलब्ध कराई जाएगी सुविधा

इसके एवज में अब तक लगभग 2000 से अधिक प्रज्ञा केंद्रों को सुविधा उपलब्ध करा दिए जाने की बात बताई जा रही है। इन केंद्रों के जरिए विभिन्न तरह के कार्ड तैयार करने, बिल जमा करने के काम होने हैं, और भविष्य में पीडीएस के जरिए ग्रामीण डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित किए जाएंगे ।इसके जरिए कई तरह की सामग्रियां भी बेची जा सकेगी।जल्द ही लोग इन राशन की दुकानों से ट्रेन टिकट बुकिंग से लेकर पैसा ट्रांसफर करने जैसे काम करवा पाएंगे। इस व्यवस्था से लोगों को भी घर के पास ही डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार ने सीएससी की पहुंच 6 लाख गांवों तक करने का लक्ष्य रखा है।देश में राशन की कुल 5.34 लाख दुकानें हैं। इन दुकानों के जरिए हर वर्ष 80 करोड़ से अधिक लोगों को 60 से 70 मिलियन टन अनाज दिया जा रहा है।पीडीएस दुकान पर हर महीने बड़ी संख्या में लोग राशन लेने जाते हैं।ऐसे में इन दुकानों पर अतिरिक्त आय पैदा करने की काफी संभावनाएं हैं। इसी लिए सरकार अब इनपर डिजिटल और वित्तीय सेवाएं भी शुरू करने की कवायद में जुटी है।

Edited By: Madhukar Kumar