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    एमजीएम में तीन हजार 550 कोविड मरीजों का इलाज, 176 की मौत

    By JagranEdited By:
    Updated: Wed, 29 Dec 2021 07:15 AM (IST)

    29 दिसंबर 2019 को झारखंड में हेमंत सरकार सत्ता में आई थी। तब से लेकर अभी तक यानी बीत दो साल में कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) में क्या-क्या सुविधाएं बढ़ाई गई हैं इसे लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की ओर से एक रिपोर्ट कार्ड जारी किया गया है। इसमें बढ़ाई गई नौ सुविधाओं का जिक्र किया गया है। चूंकि स्वास्थ्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एमजीएम आता है इसलिए यह महत्वपूर्ण मुद्दा है।

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    एमजीएम में तीन हजार 550 कोविड मरीजों का इलाज, 176 की मौत

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : 29 दिसंबर 2019 को झारखंड में हेमंत सरकार सत्ता में आई थी। तब से लेकर अभी तक यानी बीत दो साल में कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) में क्या-क्या सुविधाएं बढ़ाई गई हैं, इसे लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की ओर से एक रिपोर्ट कार्ड जारी किया गया है। इसमें बढ़ाई गई नौ सुविधाओं का जिक्र किया गया है। चूंकि स्वास्थ्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एमजीएम आता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण मुद्दा है।

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    अस्पातल के सुधार के लिए यह नौ कदम उठाए गए

    1. कोविड महामारी के दौरान अस्पताल में तीन हजार 550 कोविड मरीजों का इलाज हुआ। इसमें 176 की मृत्यु हुई। बाकी स्वस्थ होकर घर लौटे। यह मृत्यु दर अन्य चिकित्सा संस्थानों के अनुपात में काफी कम थी, जिसकी सराहना यूनिसेफ की टीम ने भी की थी।

    2. जुस्को की ओर से अस्पताल परिसर के बाहर अनाधिकृत दुकानों को हटाकर दो एवं चार पहिया वाहनों की पार्किग की व्यवस्था की गई। अस्पताल परिसर की चारदीवारी का जीर्णोद्धार कर उसे ऊंचा किया गया तथा उसके ऊपर कटीले तारों का जाल बिछाया गया।

    3. अस्पताल परिसर में अंदर अभियान चलाकर साफ-सफाई की व्यवस्था की गई। साथ ही प्रशासनिक भवन का जीर्णोद्धार भी किया गया।

    4. पुराने जर्जर एएनएम स्कूल भवन को तोड़कर उसके जगह पर कोविड महामारी के संभावित लहर के मद्देनजर 100 बेड का मेक-सिफ्ट अस्पताल बनाया गया, जिसमें 16 आइसीयू बेड, 35 आक्सीजन बेड व 50 जनरल बेड हैं।

    5. कोविड को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में आक्सीजन क्षमता का वृहत स्तर पर विस्तार किया गया। एक एलएमओ प्लांट व एक पीएसए प्लांट स्थापित किया गया है। एलएमओ प्लांट की क्षमता 13000 केएल है। जबकि पीएसए प्लांट की क्षमता 600 एलपीएम है।

    6. कोविड के किसी भी संभावित लहर के लिए 260 बेड की क्षमता का कोविड अस्पताल पूर्ण रूप से तैयार है, जिसमें 42 आइसीयू, 118 आक्सीजन बेड, 126 जनरल बेड हैं।

    7. एमजीएम मेडिकल कालेज में एमबीबीएस के 100 सीट की एडमिशन क्षमता को बरकरार रखा गया, जिसपर नेशनल मेडिकल काउंसिल द्वारा पहले कई आपत्तियां दर्ज की थी। इसके अतिरिक्त आधारभूत ढांचे एवं चिकित्सा शिक्षकों की संख्या बल में वृद्धि की गई। जिसके कारण विभिन्न विषयों में पीजी पढ़ाई की स्वीकृति भी प्रदान की गई। इसमें स्त्री एवं प्रसूति विभाग में 3, हड्डी रोग-3, सर्जरी-5, चर्म एवं गुप्त रोग-1, शिशु रोग-4, निश्चेतना-3, पैथोलाली-4 शामिल हैं।

    8. अस्पताल परिसर में आपात स्थिति में पानी की सप्लाई बाधित नहीं हो इसके लिए एक लाख लीटर की क्षमता वाले दो अंडरग्राउंड सैंप का निर्माण कराया गया।

    9. स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में मरीजों की संख्या को देखते हुए 30 अतिरिक्त बेड की क्षमता का विस्तार किया गया।

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    'सीमित संसाधनों में भी हमने बेहतर प्रदर्शन किया है। एक तरफ हम कोरोना से जंग लड़ रहे हैं दूसरी तरफ अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम कर रहे हैं। ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था पहुंच सके। आने वाले साल में हम अपनी स्वास्थ्य संस्थाओं को उच्चस्तरीय व्यवस्था मुहैया कराएंगे।

    - बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य मंत्री।

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