एमडी ऑनलाइन : मणिपाल के साथ कर्मचारी वार्ड के लिए बनेगा स्पेशल स्कॉलरशिप प्रोग्राम
जासं जमशेदपुर पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर शहर में खुल रहे टाटा-मणिपाल मेडिकल कॉलेज
जासं, जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर शहर में खुल रहे टाटा-मणिपाल मेडिकल कॉलेज में कर्मचारी वार्ड के लिए स्पेशल स्कॉलरशिप प्रोग्राम तैयार किया जा रहा है। जल्द ही कर्मचारियों के बच्चों को भी इसका लाभ मिलेगा।
टाटा स्टील कंपनी के मासिक कार्यक्रम एमडी ऑनलाइन में सीआरएम के कमेटी मेंबर एके गुप्ता के सवाल का जवाब देते हुए वाइस प्रेसिडेंट (सीएस) चाणक्य चौधरी ने यह जानकारी दी। हालाकि एके गुप्ता ने माग की है कि टाटा मेडिकल कॉलेज की 150 सीटों में 25 सीटें झारखंड के युवाओं के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में दूसरे राज्यों की तर्ज पर स्थानीय युवाओं का प्रति समेस्टर फीस एक से डेढ़ लाख रुपये तक हो। इस पर चाणक्य चौधरी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में फीस स्ट्रक्चर किस तरह का होगा, यह मैनेजमेंट कमेटी ही तय कर सकती है, लेकिन कर्मचारी वार्ड के लिए स्पेशल स्कॉलरशिप प्रोग्राम पर काम चल रहा है, इसका लाभ कर्मचारियों के बच्चों को मिलेगा। वहीं, एके गुप्ता के सवाल पर टाटा मेन हॉस्पिटल के स्वास्थ्य सलाहकार डा. राजन चौधरी ने बताया कि कोविड-19 के बाद अस्पताल में फिर से ऑपरेशन की सुविधा शुरू हो गई है। कंपनी के प्रदर्शन के संबंध में एमडी टीवी नरेंद्रन ने बताया कि कोविड-19 के बाद बाजार अपनी पुरानी रफ्तार पर है। टाटा स्टील के सभी प्रोडक्ट की बाजार में डिमाड तेजी से बढ़ रही है।
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नहीं दे सकते 3000 रुपये से अधिक के उपहार या सेवा
कंपनी के नैतिक नियमों की जानकारी देते हुए एथिक्स विभाग के अधिकारी ने कहा कि किसी भी वेंडर कंपनी, सप्लायर या दूसरी सप्लायर कंपनियों से किसी भी तरह का उपहार लेना या देना कंपनी के नैतिक मूल्यों के खिलाफ है। किसी सरकारी अधिकारी को यदि कोई उपहार देते हैं तो इसके लिए उन्हें अपने वरीय अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके अलावा किसी को भी 3000 रुपये से अधिक का उपहार या हॉस्पिटेलिटी सेवा नहीं देना है। कंपनी में इसके लिए गिफ्ट एंड हॉस्पिटेलिटी पॉलिसी बनी है। इसका अनुपालन हर अधिकारी व कर्मचारी के लिए अनिवार्य है।
------------------ प्रोसेस सेफ्टी का अनुपालन से कम हुई दुर्घटना, बढ़ा उत्पादन
कार्यक्रम के दौरान कंपनी के अधिकारी विनीत रंजन त्रिपाठी ने प्रोसेस सेफ्टी की जानकारी दी। बताया कि टाटा स्टील ने आइआइटी खड़गपुर के समन्वय से स्थापित कर एक प्रोग्राम शुरू किया गया था। इसमें कंपनी के कई हेड स्तर के अधिकारियों ने कोर्स किया और एलडी-1 और आई ब्लास्ट फर्नेस में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया। फिर इसे दूसरे विभागों में भी क्रियान्वित किया गया। विनीत ने बताया कि प्रोसेस सेफ्टी के अनुपालन से कंपनी में न सिर्फ दुर्घटनाएं कम हुईं, बल्कि उत्पादन भी बढ़ा। इसलिए हम सभी को प्रोसेस सेफ्टी का अनिवार्य रूप से अनुपालन करना है।
------------------- सवाल : नवंबर 2019 में मुझे बिष्टुपुर एम रोड में क्वार्टर आवंटित हुआ, लेकिन न्यू डेकोरेशन जॉब का काम अब तक पूरा नहीं हुआ।
रितूराज सिन्हा : न्यू डेकोरेशन जॉब में इतना समय तो नहीं लगना चाहिए। इसकी जानकारी लेने के बाद बताया जा सकता है कि देरी की वजह क्या है।
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एके सिन्हा : कदमा फार्म एरिया में घर के पीछे काफी खुली जगह है। हर सुबह यहा शराब की बोतलों के अलावा कई आपत्तिजनक सामान मिलते हैं इसलिए हर क्वार्टर के बाद जो रास्ते हैं उन्हें बंद कर एक रास्ता रखा जाए, ताकि आसामजिक तत्व इसका इस्तेमाल न कर सकें। लाइट लगा देने से बच्चों के लिए खेलने का मैदान भी हो जाएगा।
रितूराज सिन्हा : संबधित क्षेत्र का दौरा करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है।
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सुनील सिन्हा : मेरे घर बिजली की लाइन खराब हुई तो टाउन डिविजन की टीम ने आकर अस्थायी कनेक्शन कर दिया। अब तीन बार रिमाइंडर भेज चुका हूं, पर अभी तक स्थायी कनेक्शन नहीं किया गया, जो सेफ्टी के लिहाज से ठीक नहीं है।
तरुण डागा, एमडी जुस्को : तीन रिमाइंडर के बाद भी काम पूरा क्यों नहीं हुआ, इस पर जानकारी लेकर जल्द काम पूरा कराते हैं।
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