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    आधा दर्जन पैसेंजर ट्रेनें रद, एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनों का मार्ग बदला

    By Sachin MishraEdited By:
    Updated: Tue, 25 Sep 2018 06:07 PM (IST)

    रेलवे के अधिकारी के अनुसार, ट्रेनों के परिचालन को सामान्य होनें में दो से तीन दिन लग जाएंगे

    आधा दर्जन पैसेंजर ट्रेनें रद, एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनों का मार्ग बदला

    जमशेदपुर, जेएनएन। भारत जकात माझी परगना महाल की ओर से सोमवार को रेल चक्का जाम करने का असर मंगलवार को भी ट्रेनों के परिचालन पर दिखा। मंगलवार को टाटा से छूटने व गुजरने वाली करीब आधा दर्जन पैसेजर ट्रेनें रद रहीं, जबकि एक दर्जन से भी ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। वहीं, कुछ ट्रेनों को रिशिड्यूल कर दिया गया। सोमवार की ही तरह टाटा-खड़गपुर रेल मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन अस्त-व्यस्त रहा।

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    रेलवे के अधिकारी के अनुसार, ट्रेनों के परिचालन को सामान्य होनें में दो से तीन दिन लग जाएंगे। परिचालन बाधित होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टाटा से खुलनी वाली पैसेंजर ट्रेनों के रद किए जाने से नाराज यात्रियों ने टाटानगर स्टेशन पर हंगामा भी किया। रेल पुलिस व आरपीएफ के जवानों ने यात्रियों को समझा-बुझाकर दूसरे ट्रेनों ने रवाना किया।

    ये ट्रेनें हुई रद
    -चक्रधरपुर-टाटा सवारी गाड़ी
    -टाटा-चक्रधरपुर सवारी गाड़ी
    -बरकाखाना-टाटा सवारी गाड़ी
    -झारग्राम-पुरुलिया सवारी गाड़ी
    -पुरुलिया-झारग्राम सवारी गाड़ी
    -टाटा-चाकुलिया सवारी गाड़ी
    -चाकुलिया-टाटा सवारी गाड़ी

    परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेंने
    -पुणे-हावड़ा आजाद हिन्द एक्सप्रेस चांडिल, पुरुलिया, आसनसोल होकर रवाना हुई
    -पुरी-नईदिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस कटक, जरुली, डंगवापोशी, टाटा होकर रवाना हुई
    -पुरी-हरिद्धार उत्कल एक्सप्रेस कटक, जरुली, डंगवापोशी, टाटा होकर रवाना हुई
    -सिकंदराबाद-हावड़ा फलकनुमा एक्सप्रेस कटक, जरुली, डंगवापोशी, टाटा, खड़गपुर होकर रवाना हुई
    -पुरी-आनंदबिहार नंदनकानन एक्सप्रेस कटक, जरुली, राजखरसंवा, टाटा, चांडिल, अनारा, गोमो होकर रवाना हुई
    -भुवनेश्वर-नईदिल्ली राजधानी एक्सप्रेस डांगवापोशी, टाटा, बोकारो, गोमो होकर रवाना हुई
    -मुंबई-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस चांडिल, आसनसोल होकर रवाना हुई
    -मुंबई-हावड़ा गीतांजली एक्सप्रेस टाटा, चांडिल, आसनसोल होकर रवाना हुई
    -अहमदाबाद-हावड़ा अहमदाबाद एक्सप्रेस टाटा, चांडिल, आसनसोल होकर रवाना हुई
    -पोरबंदर-हावड़ा एक्सप्रेस चांडिल, पुरुलिया, आसनसोल होकर रवाना हुई
    -गोरखपुर-शालिमार साप्ताहिक एक्सप्रेस आसनसोल, हावड़ा होकर रवाना हुई

    विलंब से चलने वाली ट्रेनें
    -पुरी-नईदिल्ली निलांचल एक्सप्रेस को पुरी से रिसिड्यूल कर दिया गया। यह ट्रेन पुरी स्टेशन से सुबह 10.55 के बजाए शाम 5.15 बजे पुरी स्टेशन से रवाना हुई।
    -हावड़ा-पुरुलिया एक्सप्रेस को खडगपुर स्टेशन पर टर्मिनेट कर दिया गया। यह ट्रेन खडगपुर स्टेशन से पुरुलिया-हावड़ा बनकर वापस लौट गयी।
    -हावड़ा-टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस करीब तीन घंटे विलंब से डेढ़ घंटे विलंब से दोपहर बारह बजे के बाद टाटानगर स्टेशन पहुंची।
    -टिटलागढ़-हावड़ा इस्पतात एक्सप्रेस करीब दो घंटे विलंब से शाम चार बजे के बाद टाटानगर स्टेशन पहुंची।
    -हावड़ा-मुंबई गीतांजली एक्सप्रेस करीब दो घंटे विलंब से शाम सात बजे के बाद टाटानगर स्टेशन पहुंची।
    -टाटा-एल्लेपी एक्सप्रेस को एक घंटे विलंब से शाम 4.30 बजे टाटानगर स्टेशन से रवाना किया गया।
    इन ट्रेनों के अलावा कई अन्य ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटो विलंब से चलीं।

    रेल रोको आंदोलन से जहां-तहां खड़ी हुई ट्रेनें, कई रद
    गौरतलब है कि भारत जकात माझी परगना महल की ओर से मांगों के समर्थन में सोमवार को देर शाम तक बंद समर्थकों के रेल पटरी पर बैठने के कारण ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई ट्रेनों में पानी खत्म होने और एसी बंद होने से यात्रियों को परेशानी हुई। हालांकि दोपहर में एक बार परिचालन की कोशिश हुई, लेकिन उसे रोकना पड़ा। बार-बार यात्रियों द्वारा परिचालन संबंधी जानकारी लेने और हंगामा किए जाने से रेल कर्मचारी भी परेशान रहे। टाटानगर स्टेशन के पूछताछ केंद्र, परिचालन विभाग व स्टेशन निदेशक के कार्यालय में यात्रियों ने जमकर हंगामा किया।

    हंगामे से परेशान रेलकर्मी कई बार अपने कार्यालय से अंदर-बाहर होते रहे। अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस सुबह से ही टाटानगर स्टेशन में रुकी रही। हावड़ा-शिवाजी महाराज टर्मिनल ट्रेन हावड़ा स्टेशन में रुकी रही। इस्पात एक्सप्रेस खड़गपुर में रुकी रही। उधर, मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस जैसे ही घाटशिला स्टेशन पहुंची, आंदोलनकारियों ने उसे रोक दिया। यहां यह ट्रेन घंटों रुकी रही, जिसके कारण ट्रेन के एक कोच के एसी ने काम करना बंद कर दिया। जबकि स्लीपर कोच का पानी खत्म होने के बाद बाद यात्रियों ने जमकर हंगामा किया।