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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लोयोला के प्रह्लाद व प्रेम ने देश भर में फहराया परचम, फादर जॉर्ज हेस मेमोरियल एएसआइएससी क्विज के बने विजेता

By Rakesh RanjanEdited By:
Published: Thu, 28 Oct 2021 04:08 PM (IST)Updated: Fri, 29 Oct 2021 09:30 AM (IST)

Jharkhand Jamshpur News झारखंड के जमशेदपुर स्थित लोयोला स्कूल के छात्रों ने देश भर के स्कूलों से कड़ी प्रतिस्पर्धा करके ...और पढ़ें

1947 में स्थापित हुआ था जमशेदपुर में लोयोला स्कूल
1947 में स्थापित हुआ था जमशेदपुर में लोयोला स्कूल

जमशेदपुर, जासं। झारखंड के जमशेदपुर स्थित लोयोला स्कूल के छात्रों ने देश भर के स्कूलों से कड़ी प्रतिस्पर्धा करके राष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल कर पूरे शहर को गौरवान्वित किया है। एएसआइएससी (एसोसिएशन फॉर स्कूल ऑफ आइएससी) जूनियर वर्ग में प्रह्लाद नायर और सीनियर वर्ग में प्रेम अंश सिन्हा ने नेशनल फिनाले में क्रमश: पहला और दूसरा स्थान हासिल किया।

इससे पहले जूनियर वर्ग के जोनल कंपटीशन में प्रह्लाद नायर ने दूसरा स्थान हासिल किया और क्षेत्रीय स्पर्धा में जोन का प्रतिनिधित्व किया। इसमें प्रह्लाद ने बड़ी आसानी से जीत हासिल की और नेशनल सेमी-फाइनल कंपटीशन के लिए क्वालीफाई किया। वह सेमीफाइनल में दूसरे स्थान पर रहा और नेशनल फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, जहां आखिरी सवाल तक कड़ी प्रतिस्पर्धा चली। अंत में प्रह्लाद ने अपने स्कूल को पहली बार राष्ट्रीय प्रश्नोत्तरी (नेशनल क्विज) की ओर ले जाने के लिए अंतिम प्रश्न का सही उत्तर दिया।

प्रेम सभी राउंड में रहे आगे

लोयोला स्कूल के प्रेम अंश सिन्हा भी सीनियर वर्ग के लिए इसी दौर से गुजरे। वह सभी राउंड में भारी अंतर से पहले स्थान पर रहे। एएसआइएससी नेशनल फिनाले में एक करीबी प्रतियोगिता थी, जहां उन्होंने पांच अंकों से पहला स्थान गंवा दिया और दूसरे स्थान पर रहे। लोयोला के लिए उनके प्लैटिनम जुबिली वर्ष पर यह एक विशेष क्षण था। यह भी ध्यान देने योग्य है कि लोयोला की क्विज टीम ने इस सत्र में अब तक एक भी क्विज नहीं गंवाया है। स्कूल के जीके क्लब की मॉडरेटर रीना जोशी और एंथोनी रोड्रिग्स इस जीत से काफी खुश हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य पायस फर्नांडीस और जयंती शेषाद्रि ने प्रह्लाद और प्रेम को उनकी अपनी जीत के लिए बधाई दी।

1947 में स्थापित हुआ था जमशेदपुर में लोयोला स्कूल

बिष्टुपुर स्थित बेल्डीह क्लब के पास लोयोला स्कूल की स्थापना 1947 में हुई थी। यहां आइसीएसई बोर्ड से प्लस-टू तक की पढ़ाई होती है। यहां केजी से प्लस-टू तक करीब 3200 छात्र पढ़ते हैं। स्कूल का संचालन 1540 में स्थापित कैथोलिक चर्च के अधीन सोसाइटी ऑफ जीसस (जेसुइट्स) की देखरेख में किया जाता है। इसके पूर्व छात्रों में पर्सी सिग्नापाेरिया (एमडी, टाटा टी लिमिटेड), राणा सिन्हा (टेल्कॉन के पूर्व एमडी), के. वैद्यनाथ (आइटीसी के पूर्व एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर), अनिल गोयल (एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर-फाइनांस, ताज ग्रुप), जुबिन ईरानी (एमडी, कैरियर इंडिया), अजोय कुमार बोस (एमडी, इंटेरा ग्रुप, अमेरिका), पद्मश्री स्व. अस्ताद देबू (कोरियोग्राफर), महेश अणे (सिनेमेटोग्राफर), डा. यशवंत गुप्ता (वैज्ञानिक), डा. अमित चटर्जी (मेटलर्जिस्ट, फेलो ऑफ इंपीरियल कालेज, लंदन), डा. शिव विश्वनाथन (समाजविज्ञानी), इंद्रजीत सीहरा (डायरेक्टर-एचआर, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी), डा. अभिनव कुमार (असिस्टेंट प्रोफेसर, मैसाचुएट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी, अमेरिका), अनंथ रमण (प्रोफेसर, हार्वर्ड बिजनेस स्कूल), संजय वार्ष्णेय (डीन, सेक्रेमेंटो स्टेट कालेज ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन), आइपीएस अरुण भगत (दिल्ली पुलिस के पूर्व चीफ), आइएएस उज्जल सिंह भाटिया (डब्ल्यूटीओ, जेनेवा में भारतीय प्रतिनिधि), श्रीहरि अणे (एडवोकेट जनरल, महाराष्ट्र सरकार), आइपीएस राकेश जरुहार (आइजी, ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट, दिल्ली), आइपीएस नीरज सिन्हा (आइजी, इंटेलीजेंस नार्थ ईस्ट), डा. सुहास वी. प्रधान (प्रीमियर थोराटिक सर्जन ऑफ सेंट्रल न्यूयार्क), डा. एमएन भट्ट (टाटा मेन हास्पिटल, जमशेदपुर के पूर्व सीएमओ), डा. विश्वम्भर नाथ (पूर्व प्रोफेसर ऑफ यूरोलॉजी, सीएमसी वेल्लोर) व डा. बुद्धदेव चटर्जी (जाने-माने हड्डी रोग के सर्जन) उल्लेखनीय हस्तियों में शामिल हैं।