जमशेदपुर, जासं। आजकल बागवानी करने का शौक बहुतों को है। फ्लैट में रहने वाले भी बालकनी में खूब पौधे लगाते और सजाते हैं। इसके लिए तरह-तरह के इंतजाम करते हैं। लेकिन हम यहां एक नुस्खा बताने जा रहे हैं, जिससे आपके पौधों को नई जान मिल जाएगी। जमशेदपुर के बागवानी विशेषज्ञ सरदार रणजीत सिंह बताते हैं कि पौधों का ग्रोथ, हरियाली और उनकी वास्तविक चमक के लिए आप खाद मिश्रित मिट्टी मिलाते हैं, तो समय-समय पर पानी भी देते हैं। इसके बावजूद कई बार पौधे उस अनुरूप नहीं बढ़ पाते, जैसी की आपको उम्मीद रहती है या जो वास्तव में उसकी होनी चाहिए।

कई बार ऐसा भी होता है कि आप नर्सरी से जिस रूप में पौधा लेकर आए थे, वह उसके अनुरूप नहीं होता। आखिर क्यों, क्या आपने कभी सोचा है। कुछ लोग बागवानी विशेषज्ञ से सलाह भी लेते हैं और दवा का छिड़काव करते हैं। लेकिन हम यहां आपको माचिस की तीली का नुस्खा बता रहे हैं, जो चमत्कारिक नतीजा देता है। इससे आपको पौधों में जाे ग्रोथ देखने को मिलेगा, वह चौंका सकता है।

माचिस की तीली में होता कीटनाशक का गुण

आपने देखा होगा कि माचिस की तीली काले व लाल रंग की होती है। इसमें काली वाली माचिस की तीली में पोटेशियम क्लोरेट, फास्फोरस, सल्फर, मैग्नीशियम और फेरिक ऑक्साइड भी मिला होता है। लाल रंग वाली तीली में फास्फोरस की मात्रा कुछ ज्यादा होती है। यह ज्यादा ज्वलनशील होती है। फास्फोरस का उपयोग पटाखों में भी होता है।

दरअसल, तीली में मौजूद सभी रसायनों में कीटनाशक के गुण होते हैं। इस वजह से माचिस की तीली पौधों के लिए कीटनाशक का काम करती है। फास्फोरस पौधों की जड़ों को मजबूत बनाने में काम आता है। इसके अलावा गंधक या सल्फर और मैग्नीशियम क्लोरोफिल पौधों के विकास में मदद करते हैं। यदि आप पौधों की जड़ के पास कम से कम 10 और अधिक से अधिक 15 बिना जली हुई माचिस की तीली जमीन में लगा दें तो पौधों का विकास भी होगा और उसकी हरियाली भी बनी रहेगी।

ऐसे काम करता है तीली का गुण

यदि आपने अपने पौधों की जड़ के पास कुछ तीली लगा दी है, तो जब तक मिट्टी गीली रहेगी, इसके रसायन आपके पौधों की जड़ में पहुंचने लगते हैं। इसके अलावा जब आप समय-समय पर पानी डालेंगे, तो तीली का रसायन वाला हिस्सा मिट्टी में घुलता रहेगा। इससे पौधों की जड़ से तनों तक तीली में मिले रसायन धीरे-धीरे पहुंचते रहेंगे। यह ठीक वैसे ही जैसे आप खाद डालते हैं तो पौधों को पोषण मिलता है।

ध्यान रहे, यह खाद का विकल्प नहीं

तीली का उपयोग अपने घर में लगे छोटे पौधों के लिए करें, लेकिन ध्यान रहे कि यह खाद या यूरिया का विकल्प नहीं है। माचिस की तीली सिर्फ कीटनाशक का काम करता है, जो यूरिया नहीं करता। पौधों में कई बार फफूंद या ऐसे अदृश्य कीड़े लग जाते हैं, जिसका आपको पता नहीं चलता।

कई बार ये कीड़े आपको दिखाई नहीं देते हैं। ऐसे में माचिस की तीली बहुत काम करती है।यहां यह भी बताना जरूरी है कि एक बार माचिस की तीली मिट्टी में दबाने के बाद हमेशा के लिए नहीं छोड़ना है। इसे एक सप्ताह या दस दिन के बाद निकाल लें, क्योंकि इसका असर कुछ दिनों बाद समाप्त हो जाता है।

Edited By: Jitendra Singh