घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम),जेएनएन। झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक और जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र से महागठबंधन के प्रत्याशी चंपई सोरेने के पुत्र बाबूलाल सोरेन की दबंगई एकबार पिफर सामने आई है। बाबूलाल ने मजिस्ट्रेट को हड़काकर वाहन चेकिंग से रोक दिया और वाहन लेकर चलते बने। यह वाकया हुआ पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल क्षेत्र के जादूगोड़ा में अस्पताल चौक के पास।

बताते हैं कि जादूगोड़ा अस्पताल चौक के पास गुरुवार सुबह वाहन चेकिंग चल रही थी। मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ मौजूद थे और गुजरनेवाले वाहनों की तलाशी ले रहे थे। यह तलाशी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर की जा रही थी। इसी दौरान चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन वहां से गुजरे। पुलिस कर्मियों ने इशारा किया तो वे रुके जरूर, लेकिन वाहन तलाशी के नाम पर बिफर पड़े।

उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की कर दी और कहा कि किसी भी सूरत में वाहन की तलाशी नहीं लेने देंगे। उन्होंने वहां मौजूद मजिरस्ट्रेट को भी हड़काया और वाहन लेकर चलते बने। मजिस्ट्रेट ने इस घटना की सूचना लिखित तौर पर जादूगोड़ा थाने में दी है। घटना सुबह करीब 11 बजे की है। 

केस दर्ज

मजिस्ट्रेट प्रदीप पूर्ति की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस कार्रवाई में जुट गई है। प्रदीप पूर्ति स्वर्णरेखा नहर प्रमंडल में कनीय अभियंता है। उन्होंने बताया है कि जादूगोड़ा अस्पताल चौक पर वाहनों की तलाशी के क्रम में काले रंग की ट्योटा फार्चूनर गुजरी। पुलिस ने रोका और तलाशी की बात कही तो कार पर सवार लोगों ने कहा कि आप नहीं जानते किनकी गाड़ी है और कौन इसपर बैठे हैं। ये बाबूलाल सोरेन हैं और पूर्व मंत्री व विधायक चंपई सोरेन के पुत्र हैं। चंपई महागठबंधन से जमशेदपुर से लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी है। जब नियम की बात कही गई तो सभी कार से उतर गए और गाली-गलौज शुरू कर दिया। इस दौरान दुर्व्यवहार भी किया और एक फोन पर नौकरी खा जाने की धमकी दी। समझाने पर सड़क जाम कर हंगामा शुरू कर दिया और पिफर गाड़ी भगा ले गए। वीडियोग्राफी भी नहीं करने दी गई।   

Posted By: Rakesh Ranjan