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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

समाजसेवा और समाजिक कार्यकर्ता की नई परिभाषा लिख रहे हैं जितेंद्र कुमार, कोरोना काल में लोगों की मदद कर बने मिसाल

By Madhukar KumarEdited By:
Published: Tue, 26 Jul 2022 06:54 PM (IST)

कोरोना का सबसे भीषणतम समय अब बीत गया है लेकिन उस संकट के समय देश की राजधानी नई दिल्ली सहित ...और पढ़ें

समाजसेवा और समाजिक कार्यकर्ता की नई परिभाषा लिख रहे हैं जितेंद्र कुमार, कोरोना काल में लोगों की मदद कर बने
समाजसेवा और समाजिक कार्यकर्ता की नई परिभाषा लिख रहे हैं जितेंद्र कुमार, कोरोना काल में लोगों की मदद कर बने

किसी भी उद्योग का हिस्सा होने के साथ-साथ बहुत सारी चुनौतियां और बाधाएं आती हैं लेकिन कुछ ऐसे भी युवा हैं जो किसी भी चुनौती और बाधा को पार करके लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाते हैं। इन्हीं युवाओं में से एक हैं जितेंद्र कुमार। जितेंद्र को रचनात्मक रूप से पत्रकार प्रतिभा, तो समाज में एक महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है।

कोरोना का सबसे भीषणतम समय अब बीत गया है, लेकिन उस संकट के समय देश की राजधानी नई दिल्ली सहित दिल्ली में भी जरूरतमंद लोगों को हर सहायता उपलब्ध कराई और अब लोगों को मल्टीमीडिया की मदद से मदद करने की ठान ली है। फिर चाहे वह लोगों की परेशानी या उसके समाधान की बात हो या फिर जिंदगी का हिस्सा बन चुके सैनिटाईजर की।

नई दिल्ली में एक्सपर्ट टाइम्स में पत्रकार व संस्थापक की भूमिका निभाने वाले जितेंद्र ने बताया कि उन्होंने अलीगढ़ के मशहूर संगीत निर्माता उमेश कौशिक के साथ अपनी कंपनी का संचालन किया था। जितेंद्र ने बताया कि लाकडाउन पीरियड में इस पर काम पूरा किया गया है। जितेंद्र ने बताया कि हाथरस के कॉलेज से ही वो अपनी ग्रेजुएशन करके नई दिल्ली में एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करने लगे । बचपन से ही उनको समाज सेवा करने का सॉक था, वो समाज सेवा करते भी रहते थे। धीरे धीरे जितेंद्र ने बतौर सामाजिक कार्यकर्ता जान समाज की सेवा करनी शुरू कर दी, फिर उन्होंने सोचा कि समाज की सेवा के साथ साथ समाज की परेशानियों को क्यों न सुना जाये । जितेंद्र को एक्सपर्ट टाइम्स के संस्थापक व पत्रकार के रूप में जाना जाता है। जितेंद्र कुमार व उमेश कौशिक ने मिलकर Mindset on Digital Marketing पुस्तक लिखी है। बताया कि मध्यम वर्गीय परिवार में होने के चलते शुरुआत में बहुत मेहनत करनी पड़ी और जितेंद्र ने हाथरस से नई दिल्ली में आकर काफी नाम कमाया है। शुरुआत में जितेंद्र कुमार रोबिन हुड आर्मी के साथ समाज कार्य किया करते थे। जब इन्होंने इस क्षेत्र में कदम रखा तो इस पर उनको काफी लोगो की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। मगर उन्होंने इन आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए अपने आप को साबित किया।