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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Election 2024: अर्जुन मुंडा के खास चले गए हेमंत के पास, लक्ष्मण कराएंगे अपनी चुनावी ताकत का एहसास

Published: Tue, 22 Oct 2024 03:52 PM (IST)

झारखंड चुनाव 2024 से पहले बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के करीबी माने जाने वाले घाटशिला ...और पढ़ें

सीएम हेमंत सोरेन व गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन के संग लक्ष्मण टुडू। जागरण
सीएम हेमंत सोरेन व गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन के संग लक्ष्मण टुडू। जागरण

HighLights

  1. अर्जुन मुंडा के बेहद करीबी माने जाने वाले लक्ष्मण टुडू ने झामुमो थाम सबको चौंकाया।
  2. 2014 में अर्जुन मुंडा ने ही घाटशिला से दिलवाया था टिकट।
  3. चंपई सोरेन के खिलाफ भी सरायकेला से लक्ष्मण टुडू लड़ चुके चुनाव।

मंतोष मंडल, घाटशिला। पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा नेता अर्जुन मुंडा के बेहद करीबी माने जाने वाले घाटशिला के पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू ने अचानक देर रात सीएम आवास पहुंचकर अपनी बहन पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद की चेयरमैन बारी मुर्मू के संग झामुमो का दामन थाम लिया। कमल छोड़ लक्ष्मण ने तीर कमान थाम लिया। ऐसा माना जा रहा है कि अब तीर कमान पकड़कर लक्ष्मण टुडू भाजपा व उसके शीर्ष नेतृत्व को अपने चुनावी ताकत का एहसास कराएंगे।

2014 चुनाव के कुछ माह पहले ही अचानक लक्ष्मण टुडू सरायकेला की राजनीति को छोड़कर घाटशिला की राजनीति में सक्रिय हो गए थे। इसके पहले, लक्ष्मण टुडू सरायकेला से भाजपा के टिकट पर चंपई सोरेन के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुके थे। बताया जाता है कि जब सफलता नहीं मिली तो अपने राजनीतिक मार्गदर्शक कहे जाने वाले अर्जुन मुंडा के इशारे पर लक्ष्मण टुडू की राजनीति घाटशिला शिफ्ट हो गई।

लक्ष्मण को जमने लगी घाटशिला की सियासत

घाटशिला की राजनीति लक्ष्मण को जमने लगी। 2014 के विधानसभा चुनाव में लक्ष्मण टुडू को घाटशिला से भाजपा ने टिकट दे दिया। वे तत्कालीन विधायक रामदास सोरेन को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे। लक्ष्मण ने ही पहली बार घाटशिला विधानसभा में कमल खिलाया। इसके बाद 2019 के चुनाव में सीएम रघुवर दास ने लक्ष्मण टुडू का टिकट ही काट दिया। जिसके बाद भी लक्ष्मण टुडू इस दर्द को सह गए थे।

चंपई के बीजेपी में आने से घटा लक्ष्मण का कद

टिकट पाने वाले भाजपा प्रत्याशी लखन मार्डी की हार हुई थी। जिसके बाद लक्ष्मण टुडू को उम्मीद थी की 2024 में उन्हें घाटशिला से टिकट मिलेगा, लेकिन कभी उनके घोर प्रतिद्वंदी रहे चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन संग भाजपा में एंट्री के बाद से ही लक्ष्मण टुडू को एहसास होने लगा था की इसबार भी उन्हें टिकट नहीं मिलेगा। ये संदेश भी लक्ष्मण टुडू को मिल चुका था। ऐसे में लक्ष्मण टुडू थोड़े शिथिल हो गए।

लक्ष्मण ने पैदा की राजनीतिक हलचल

ना नाराजगी व्यक्त की ना ही इस्तीफे की पेशकश कर राजनीतिक हलचल पैदा की। सीधे सोमवार देर रात अचानक रांची में सीएम हाउस के अंदर हेमंत सोरेन के संग नजर आकर सबको चौंका डाला। अब ऐसा माना जा रहा है कि लक्ष्मण टुडू को झामुमो सरायकेला, घाटशिला व पोटका में संगठन के उम्मीदवार को जीताने की जिम्मेदारी सौंपेगी। जहां लक्ष्मण टुडू को तीर कमान लेकर अपने अनुभव व ताकत का एहसास कराना होगा।

राजनीतिक गलियारों में ये भी कहा जा रहा है कि झामुमो लक्ष्मण टुडू या उनकी बहन जिप अध्यक्ष बारी मुर्मू को किसी आरक्षित सीट से चुनाव भी लड़वा सकती है।

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