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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बरेली शरीफ के अजहरी मिया के जनाजे में शामिल होने को लोग रवाना

By JagranEdited By:
Published: Sat, 21 Jul 2018 05:53 PM (IST)

शहर से अहले सुन्नत की बरेलवी जमात के दर्जनों लोग अपने आध्यात्मिक लीडर अजहरी मियां के जनाजे में शिकरत करने बरेली शरीफ रवाना हुए।

बरेली शरीफ के अजहरी मिया के जनाजे में शामिल होने को लोग रवाना
बरेली शरीफ के अजहरी मिया के जनाजे में शामिल होने को लोग रवाना

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : शहर से अहले सुन्नत की बरेलवी जमात के दर्जनों लोग अपने आध्यात्मिक लीडर नायब मुफ्ती आजम हिंद ताजे शरिया अल्लामा अख्तर रजा खान अजहरी उर्फ अजहरी मिया के जनाजे में शिरकत करने के लिए रवाना हो गए हैं। अजहरी मिया को बरेली में रविवार को सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। देश व दुनिया के कोने-कोने से जनाजे में शिरकत के लिए उनके शिष्य व उलेमा पंहुच रहे हैं। दूसरी तरफ शहर में उनके ईसाले सवाब के लिए कुरआनख्वानी का दौर शुरू है।

आजादनगर मानगो स्थित मदरसा दारूस सलाम में शनिवार को नायब मुफ़्ती आजम हिन्द ताजे शरिया अल्लामा अख्तर रजा खान अजहरी उर्फ अजहरी मिया के निधन पर उनके ईसाले सवाब के लिए कुरआनख्वानी का कार्यक्रम हुआ। इस दौरान उन्हें खिराजे अकीदत पेश की गई। इसके बाद मिलाद ख्वानी की महफिल सजाई गई। इस अवसर पर मौलाना सगीर आलम फैजी ने कहा कि जिंदा कौम की पहचान यही है कि वह अपने पूर्वज को याद रखे। 75 वर्षीय अख्तर रजा दुनिया के तमाम विद्या के विशेषज्ञ रहे। अपने सुपथ व विनिधान का ऐसा कर्तव्य निभाया कि पूरी दुनिया में सवा करोड़ लोग आप के शिष्य बन गए। आपर आलाहजरत (बरेलीशरीफ ) के पर पोते हैं। संस्था के संरक्षक हाजी गुलाम मुर्तजा ने अजहरी मिया को इस सदी का सर्वश्रेष्ठ सूफी की संज्ञा दी। कार्यक्रम का आगाज हाफिज इरशाद के कुरआन के पाठ से हुआ। मौलाना बशीर फैजी ने नात प्रस्तुत की । कार्यक्रम की अध्यक्षता हाजी गुलाम मुर्तजा खान ने की । संचालन सगीर फैजी तथा धन्यवाद ज्ञापन संस्था के सचिव हाजी अशरफ अली ने किया। इस मौके पर हाजी वली रेयाज, हकीमुद्दीन वारसी, सलीम गौसी, हाफिज जलालुद्दीन, मौलाना शरफुद्दीन रिजवी, हाफिज असरारुल हक, मौलाना हामिद रजा, मो. अब्बास सहित अन्य लोग उपस्थित थे।