कक्षा चार के छात्र स्कूल से लौटकर कमरे में गया और फांसी लगा ली… Jamshedpur में चौंकाने वाली घटना
जमशेदपुर के बागबेड़ा में एक 13 वर्षीय छात्र नवनीत कुमार ने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह संत जेवियर्स स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। स्कूल से लौटने के बाद उसने यह कदम उठाया। परिवार सदमे में है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, प्रारंभिक जानकारी में स्कूल में फटकार की बात सामने आई है। घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर स्थित बागबेड़ा थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक ऐसा हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सिद्धो-कानू मैदान के पास स्थित आवासीय कॉलोनी में 13 वर्षीय नवनीत कुमार, जो संत जेवियर्स स्कूल में कक्षा चार का छात्र था, ने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी।
इस हादसे के बाद परिवार के सदस्य सदमे में हैं और बोल पाने की स्थिति में नहीं हैं। शनिवार दोपहर लगभग एक बजे नवनीत रोज की तरह स्कूल से घर लौटा था।
परिवार के मुताबिक वह सामान्य दिखाई दे रहा था। घर आकर वह अपने कमरे में चला गया, जबकि पिता अपने काम में लगे थे और उसकी छोटी बहन घर के बाहर खेल रही थी।
कुछ देर बाद जब बहन कमरे में गई, तो वहां का दृश्य देखकर वह दहशत में आ गई। उसने नवनीत को रस्सी के सहारे पंखे से लटका हुआ देखा।
घबराकर वह तुरंत पिता के पास दौड़ी। पिता ने तुरंत बेटे को फंदे से उतारा और आनन-फानन में टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्कूल में फटकार की मिली जानकारी, परिजन खामोश; पुलिस जांच जारी
TMH द्वारा घटना की सूचना मिलते ही बागबेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई कि स्कूल में किसी बात को लेकर छात्र को फटकार लगाई गई थी।
हालांकि, परिजन इस विषय पर बोलने की स्थिति में नहीं हैं और किसी तरह की स्पष्ट जानकारी देने से फिलहाल बच रहे हैं। पुलिस का कहना है कि बच्चे की उम्र कम थी, इसलिए हर तथ्य को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ जांचा जा रहा है।
मोहल्ले में मातम, लोग सदमे में
घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है। पड़ोसियों के अनुसार, नवनीत एक शांत और सामान्य स्वभाव का बच्चा था। उसकी अचानक मौत ने हर किसी को हिला दिया है।
बच्चों और किशोरों में तनाव, दबाव और मानसिक असुरक्षा बढ़ने की घटनाओं को लेकर विशेषज्ञ लगातार सतर्क कर रहे हैं। समाजशास्त्रियों का कहना है कि परिवार और संस्थान दोनों को मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों में व्यवहारिक बदलाव, चुप्पी, उदासी या सामान्य दिनचर्या में गिरावट जैसे संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। किशोर उम्र संवेदनशील होती है और छोटी-सी बात भी उनके लिए अत्यधिक तनाव का कारण बन सकती है। समय रहते संवाद, सहानुभूति और पेशेवर सहयोग कई जीवन बचा सकते हैं।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा जारी आत्महत्या के आंकडे
- पुरुष लगभग 65–70%
- महिला लगभग 30–35%
- किशोर-युवा (10–29 वर्ष) लगभग 22–25%
- विवाहिता महिलाएं 7–8%
आत्महत्या के प्रमुख कारण
कारण प्रतिशत (लगभग)
- पारिवारिक विवाद / तनाव 28%
- मानसिक तनाव / अवसाद 20%
- आर्थिक कारण 10%
- पढ़ाई / परीक्षा का दबाव 5–6%
- बीमारी 12%
पूर्वी सिंहभूम में साल-दर-साल आत्महत्या के मामले
- वर्ष कुल आत्महत्याएं (लगभग)
- 2021 285
- 2022 298
- 2023 310 (सबसे ताजा आधिकारिक डेटा)

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