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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Loyola B.ED College Telco : जमशेदपुर के टेल्को का लोयोला कॉलेज ऑफ एजुकेशन बंद होगा, ये हैं कारण

By Rakesh RanjanEdited By:
Published: Tue, 19 Jan 2021 04:52 PM (IST)Updated: Tue, 19 Jan 2021 10:19 PM (IST)

Loyola College of Education Telco. शहर के प्रसिद्ध अंग्रेजी माध्यम बीएड कॉलेज लोयोला कॉलेज ऑफ एजुकेशन का अस्तित्व आज खतरे ...और पढ़ें

लोयोला कॉलेज ऑफ एजुकेशन टेल्‍को का प्रशासनिक भवन। जागरण
लोयोला कॉलेज ऑफ एजुकेशन टेल्‍को का प्रशासनिक भवन। जागरण

जमशेदपुर, जासं।  एक ओर सरकार देश व प्रदेश में स्कूल-कॉलेज की स्थापना कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को शिक्षित करने के लिए प्रयासरत है। गुणवत्तायुक्त व रोजगारोन्मुख शिक्षा के जरिए लोगों का जीवन-स्तर सुधारने में लगी है। वहीं एक जाने-माने प्रतिष्ठित संस्थान को बंद करने का फरमान जारी हुआ है। शहर के प्रसिद्ध अंग्रेजी माध्यम बीएड कॉलेज लोयोला कॉलेज ऑफ एजुकेशन का अस्तित्व आज खतरे में है। कॉलेज कमेटी ने इस कॉलेज को बंद करने का एलान किया है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है मामला

टेल्को के लोयोला कॉलेज ऑफ एजुकेशन शासी निकाय ने इस संस्थान को हमेशा के लिए बंद करने का निर्णय लिया। कॉलेज के सचिव फादर सुशील सुमन केरकेट्टा ने शासी निकाय के उक्त निर्णय से अवगत कराते हुए 18 जनवरी को एक पत्र जारी किया जिसमें आगामी आसन्न सत्र 2020-22 के लिए छात्रों के नामांकन को स्थगित करने की जानकारी दी गयी है। कॉलेज बंद करने के कारण के बारे में बताया गया है कि कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन और अन्य प्रतिबंधों ने संस्थान की आर्थिक और प्रशासनिक ढांचे को प्रबंधन के नियंत्रण से बाहर कर दिया, जिसे संभाल पाने में लाचारी हो रही है। इसके अलावे एनसीटीई के नॉर्म्स का पालन करना भी कठिन हो रहा है। एनईपी 2020 के मद्देनज़र भविष्य में आईटीईपी का भी स्कोप नहींं दिख रहा। इन सब परिस्थित‍ियों में कॉलेज, स्टाफ व छात्रों के हित में शासी निकाय ने कॉलेज बंद करने का फैसला लिया।

जमशेदपुर में पुराना संस्‍थान

विदित हो कि शहर का यह बेहद पुराना शिक्षण संस्थान है जहां सामान्य और गरीब परिवार के बच्चों को कई प्रकार की वोकेशनल और रेगुलर शिक्षा दी जाती थी। जमशेदपुर शहर के लिए यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। सरकार और उच्च शिक्षा के लिए कृतसंकल्प टाटा स्टील, टाटा मोटर्स आदि कंपनियों को इसमें पहल करते हुए इसे चलाने की ओर आवश्यक यथासंभव उपाय पर करना चाहिए