जमशेदपुर, जासं। रोजाना बस कुछ समय के लिए गहरी सांस लेने का व्यायाम हमारी कई समस्याओं को आसानी से दूर कर सकती है। कुछ समय की गहरी सांस लेने से तनाव को कम कर सकता है और मन, शरीर को आराम दिला सकता है। इसके साथ ही बेहतर नींद में मदद कर सकता है। इस संबंध में जमशेदपुर की प्रसिद्ध योग एक्सपर्ट रूमा शर्मा कहती हैं कि सही ढंग से सांस लेना मनुष्य के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। रूमा शर्मा कहती हैं कि इसके फायदे बेशुमार है। योग एक्सपर्ट रूमा शर्मा कहती हैं कि यहां कुछ महत्वपूर्ण लाभों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जो गहरी सांस लेने से मिलते हैं।

ऐसे लें गहरी सांस

आराम से बैठ या लेट जाएं और धीरे से नाक से सांस लेते हुए पेट को हवा से भर लें। अब नाक से धीरे-धीरे हवा को बाहर निकालें और यह प्रक्रिया करते समय एक हाथ पेट पर और दूसरा हाथ सीने पर रखें। धीरे-धीरे सांस लेते समय पेट के हवा भरने की क्रिया को महसूस करें। छोड़ते समय पेट के नीचे जाने पर भी महसूस करें। जब सांस गहरी होती है तो पेट पर रखा हाथ सीने पर रखा हाथ की तुलना में अधिक उपर जाता है।

गहरी सांस लेने से फायदे ही फायदे

प्राकृतिक दर्द निवारक : जब गहरी सांस लेते हैं, तो शरीर एंडोर्फिन रिलीज करता है जो कि अच्छा हार्मोन है और शरीर द्वारा बनाया गया एक प्राकृतिक दर्द निवारक है।

रक्त प्रवाह में सुधार : जब गहरी सांस लेते हैं, तो डायाफ्राम की उपर और नीचे की गति रक्त प्रवाह को बढ़ावा देने वाले शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।

उर्जा स्तर बढ़ाता है : रक्त का प्रवाह बढ़ने से मनुष्य को रक्त में अधिक आक्सीजन मिलती है। आक्सीजन बढ़ने से उर्जा के स्तर में वृद्धि होती है।

पोश्चर में सुधार करता है : गलत पोश्चर गलत श्वास से संबंधित है। इसकी जांच खुद कर सकते हैं। गहरी सांस लेने की कोशिश करें और प्रक्रिया के दौरान नोटिस करें कि शरीर कैसे सीधा होने लगता है। जब फेफड़ों को हवा से भरते हैं, तो शरीर खुद ही रीढ़ को सीधा करने लगता है।

सूजन को कम करता है : कहा जाता है कि कैंसर जैसे रोग केवल उन शरीर में पनपते हैं, जिनकी प्रकृति अम्लीय है। गहरी सांस लेने से शरीर में अम्लता कम होती है। तनाव शरीर में अम्लता के स्तर को भी बढ़ाता है। सांस लेने से तनाव भी कम होता है और इस तरह एसिडिटी कम होती है।

शरीर को डिटाक्स करता है : कार्बन डाई आक्साइड एक प्राकृतिक विषैला कचरा है जो सांस के जरिए निकलता ह। लेकिन जब उथली सांस लेते हैं तो डिटाक्सिफिकेशन सिस्टम इस कचरे को बाहर निकालने के लिए कड़ी मेहनत करना शुरू कर देता है।

पााचन क्रिया को दुरूस्त करता है : गहरी सांस लेना पाचन तंत्र सहित शरीर के सभी अंगों को अधिक आक्सीजन की आपूर्ति करता है। जिससे यह अच्छे तरीके से काम कर पाता है। गहरी सांस लेने के कारण बढ़ा हुआ रक्त प्रवाह भी आंतों की कार्यप्रणाली में सुधार करता है, जिससे पाचन प्रक्रिया में सुधार होता है।

मन और शरीर को आराम मिलता है: जब व्यक्ति गुस्से में, थका हुआ या डरा हुआ होता है, तो उसकी मांसपेशियां कड़ी हो जाता है। और सांस उथली हो जाती है। सांसे रूकती है। इस समय शरीर को उस आक्सीजन की मात्रा नहीं मिल रही होती है, जिसकी उसे जरूरत है। लंबी गहरी इस प्रक्रिया को उलट देती है, जिससे आपका शरीर और दिमाग शांत हो जाता है।

Edited By: Jitendra Singh