जासं, जमशेदपुर : अगर आप 45 साल की उम्र में रिटायर होना चाहते हैं। आपका वेतन 1,10,000 के आसपास से प्रारंभ हुई है तो आप सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान यानि एसआइपी के जरिए आप पांच करोड़ तक कमा सकते हैं। चौकिए नहीं सच्चाई है। यह कमाई म्यूच्युअल फंड के जरिए हो सकती है।

500 रुपए से कर सकते हैं निवेश

इसके लिए आपको इसमें निवेश करना होगा। लोग निवेश के लिए कई सारे तरीके अपनाते हैं। बच्चे गुल्लक में पैसे डालते हैं तो युवा सेविंग से लकर म्यूचुअल फंड और शेयर में पैसे लगाते हैं। वहीं बुर्जुग की बात करें तो पीपीएफ, सेविंग और एफडी में निवेश करते हैं। बाजार के जोखिम बहुत ज्यादा न हों तो कुछ-कुछ पैसे जोड़कर अंत में बड़ा फंड जुटा सकते हैं। इसके लिए एसआईपी में निवेश करना होता है जिसमें 500 रुपये से भी निवेश कर सकते हैं।

11 से 17 फीसद की दर से दे रहे रिटर्न

जमशेदपुर के जाने-माने वित्त विशेषज्ञ अनिल गुप्ता बताते हैं कि ऐसे ही एक निवेशक हैं जिनकी उम्र 32 साल है वे 24 साल की उम्र से निवेश कर रहे हैं। आज की तारीख में उनके पास म्यूचुअल फंड और इक्विटी फंड में 18 लाख का फंड जमा है। उन्होंने अलग-अलग नौ म्यूचुअल फंड में पैसा लगाया है। ये सभी फंड 11-17 प्रतिशत के हिसाब से रिटर्न दे रहे हैं। इनकी टेक होम सैलरी 1,10,000 रुपये है। इनके पास अभी तक कोई एसआईपी नहीं है लेकिन अब ये अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करना चाहते हैं और एसआईपी लेना चाहते हैं। इनका लक्ष्य है कि 45 साल आते-आते 5 करोड़ रुपए जमा कर लें जबकि कर्ज के नाम पर कोई देनदारी न हो। अभी वे जितना निवेश कर रहे हैं उस हिसाब से अगर 10 परसेंट ब्याज की कमाई से देखें तो 45 साल पर 62 लाख रुपये होगी। बारह प्रतिशत ब्याज के साथ 78.50 लाख रुपए का फंड इकट्ठा हो सकता है। इसके बाद अगर पांच करोड़ रुपये तक जमा राशि जुटानी है तो अभी से हर महीने 1.41 लाख रुपए जमा करने होंगे। 12 परसेंट ब्याज के हिसाब से यही राशि 1.17 लाख रुपये होगी.

सैलरी से बचने वाली राशि से करना होगा निवेश

जिस व्यक्ति का वेतन 1,10, 000 है उसे हर महीने ईएमआइ के रूप में 25 हजार रुपए देने पड़ रहे हैं। उस हिसाब से 85 हजार रुपये हाथ में बचेंगे। इसी पैसे में से घर आदि के खर्चे निकालने होंगे। घर के खर्च के मद में 25-30 प्रतिशत पैसे निकाल दें तो इनके पास 60 हजार रुपये बचेंगे। अगर इस राशि को इक्विटी या इक्विटी म्यूचुअल फंड में लगाएं तो 45 साल आते-आते 10 प्रतिशत के हिसाब से 1.85 करोड़ और 12 प्रतिशत के हिसाब से 2.14 करोड़ रुपये जुट पाएंगे। अभी मौजूदा निवेश को उसमें जोड़ दें तो 45 साल आते-आते यह राशि तीन करोड़ के आस-पास हो सकती है। निवेश की राशि थोड़ा और बढ़ाने पर पांच करोड़ रुपए जमा हो सकते हैं।

Edited By: Jitendra Singh