सवाल बनकर फिर उठूंगा, जो बन पड़े तो जवाब रखना..
सवाल बनकर फिर उठूंगा जो बन पड़े तो जवाब रखना मेरा खून बेकार ना जाए मेरे खून का हिसाब रखना। यह नारा गूंज उठा एमजीएम थाना क्षेत्र के दलदली पंचायत के गोविंदपुर गांव में शहीद निर्मल महतो की स्थापित मूर्ति स्थल पर।

संसू, गालूडीह : सवाल बनकर फिर उठूंगा, जो बन पड़े तो जवाब रखना, मेरा खून बेकार ना जाए, मेरे खून का हिसाब रखना। यह नारा गूंज उठा एमजीएम थाना क्षेत्र के दलदली पंचायत के गोविंदपुर गांव में शहीद निर्मल महतो की स्थापित मूर्ति स्थल पर। गोविंदपुर गांव शहीद निर्मल महतो स्मारक समिति के संरक्षक सह मुखिया मिनोती टुडू के नेतृत्व में शनिवार को झारखंड आंदोलनकारी शहीद निर्मल महतो की 71वीं जयंती मनाई गई। स्मारक समिति के सदस्यों के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। इस अवसर पर पूजा अर्चना कर माल्यार्पण किया गया। समिति के संरक्षक मिनोति टुडू ने शहीद निर्मल महतो के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा झारखंड अलग राज्य आंदोलन तो दशक से चल रहा था, लेकिन आंदोलन में आक्रामकता आयी निर्मलदा के शामिल होने के बाद, दिशोम गुरु शिबू सोरेन निर्मल महतो की कार्यशैली से प्रभावित हुए, निर्मल महतो ने पार्टी की कमान संभालते ही सबसे पहले छात्र संगठन का गठन किया, युवाओं को जोड़ने के लिए मुहिम चलाया, इसके बाद झारखंड अलग राज्य आंदोलन मांग का रफ्तार पकडा, निर्मलदा सूदखोरों के खिलाफ आंदोलन किया। ऐसे वीर सपूत को शत-शत नमन। मौके पर समिति के सचिव सुलोचना महतो, दुखु टुडू, विकास महतो, चितरंजन महतो, विश्वनाथ महतो, रंजीत मार्डी, ललित महतो समेत ग्रामीण उपस्थित थे। दिगड़ी में आजसू ने मनाई निर्मल महतो की जयंती : शहीद निर्मल महतो के जयंती पर शनिवार को आजसू पार्टी ने संकल्प दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर जादूगोड़ा के दिगड़ी मोड़ स्थित निर्मल महतो की प्रतिमा पर आजसू नेता कंचन तिवारी ने अपने कार्यकर्ताओं साथ माल्यार्पण किया और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संकल्प लिया कि भ्रष्टाचार मुक्त झारखंड निर्माण की ओर हम लोगों को बढ़ना है। निर्मल महतो के सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प लिया। मौके पर ओमिओ महतो, नवीन प्रसाद, सपन हलदर, गणेश थापा आदि उपस्तिथ थे।
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