जमशेदपुर : ध्यान के आसनों का मुख्य उद्देश्य होता है साधक को लंब समय तक शरीर को बिना हिलाए डुलाए और बिना कष्ट दिए बैठे रहने की क्षमता प्रदान करना। शरीर को कुछ समय तक स्थिर और शांत रहने पर ही ध्यान की अनुभूति प्राप्त की जा सकती है।

जमशेदपुर की प्रसिद्ध योग एक्सपर्ट रूमा शर्मा बताती हैं कि सुखासन, सिद्धासन, सिद्धयोनी आसन, अर्ध पद्मासन, पद्मासन, स्वास्तिकासन, ध्यान वीरासन, सिहांसन ध्यान के आसनों के अंतर्गत आते हैं। जिनमें अर्ध पद्मासन भी एक महत्वपूर्ण ध्यान का आसन है। रूमा शर्मा कहती हैं कि जो व्यक्ति पद्मासन जैसे आसनों को नहीं कर पाते और पद्मासन से होने वाले फायदे का लाभ लेना चाहते हैं तो उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। अर्ध पद्मासन उनका बहुत अच्छा विकल्प है। अर्ध पद्मासन करने की विधि बता रहीं योग एक्सपर्ट रूमा शर्मा...

अर्ध पद्मासन करने की विधि

  • एक योग मैट या दरी को किसी शांत जगह पर बिछा लें
  • थोड़ा अपने आप को वर्म अप कर लें
  • योगा मैट पर शरीर के सामने पैरों को फैला कर दंडासन की स्थिति में आ जाएं
  • अब एक पैर मोडें उस पैर के तलवे को दूसरी पैर की जांघ के भीतरी भाग पर रखें।
  • दूसरा पैर मोड़ें और उस पैर के पंजे को दूसरे पैर की जांघ के उपर रखें।
  • बिना जोर लगाए उपर की एंड़ी को पेट के अधिक से अधिक पास रखने का प्रयास करें।
  • शारीरिक स्थिति को व्यवस्थित कर आरामदायक बना लें।
  • हाथों को चिन या ज्ञान मुद्रा में घुटनों पर रखें
  • पीठ, गदर्न और सिर एक सीध में रहे।
  • आंखें बंद कर लें और पूरा शरीर को शिथिल करें
  • इस क्रिया को करते समय 20 से 30 बार सांस लें और छोड़ें, ओम का उच्चारण करें।

अर्ध पद्मासन करने की कुछ सावधानियां

  • योग एक्सपर्ट रूमा शर्मा कहती हैं कि यदि पहली बार अर्ध पद्मासन कर रहे हैं तो किसी योग एक्सपर्ट के देखरेख में करें।
  • योगासन करने से पहले स्नान कर लें, योग खाली पेट करें। आरामदायक कपड़ा पहनें
  • अपने शरीर के साथ ज़बरदस्ती बिल्कुल ना करें। अपने शरीर के साथ जबरदस्ती बिल्कुल न करें।
  • गर कोई मेडिकल तकलीफ़ हो तो पहले डॉक्टर से ज़रूर सलाह करें। कोई मेडिकल तकलीफ हो या अल्सर, दिल से संबंधित अन्य गंभीर बीमारी हो तो चिकित्सक से सलाह लेकर ही करें।

अर्ध पद्मासन से होने वाले लाभ

  • रीढ़ की हड्डी को सीधा व मजबूत बनाने में सहायक होता है।
  • मन को शांति प्रदान करने में सहायक होता है।
  • कुंडलिनी जागृत करने में सहायक होता है
  • तंत्रिका तंत्र से संबंधित रोगों को दूर करने में सहायक होता है।
  • बीपी को कंट्रोल करने में सहायक होता है।
  • यदि आपको भूख नहीं लगती है तो अर्ध पद्मासन करने से भूख लगती है।
  • महिलाओं में मासिक धर्म की परेशानियों को दूर करता है।
  • पैरों को मजबूत और लचीला बनाता है।

Edited By: Jitendra Singh