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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ghatshila Seat Result 2024: घाटशिला सीट पर चंपई के बेटे की बुरी तरह से हार, झामुमो उम्मीदवार ने दी शिकस्त

Published: Fri, 22 Nov 2024 09:12 AM (IST)Updated: Sun, 24 Nov 2024 09:05 PM (IST)

Ghatshila Election Result 2024 झारखंड की घाटशिला सीट पर चंपई सोरेन का जादू नहीं चल पाया और अपने बेटे को ...और पढ़ें

घाटशिला सीट पर जबरदस्त टक्कर (जागरण फोटो)
घाटशिला सीट पर जबरदस्त टक्कर (जागरण फोटो)

HighLights

  1. घाटशिला सीट पर इस बार उलटफेर देखने को मिल सकता है
  2. घाटशिला सीट पर बाबू लाल सोरेन और रामदास सोरेन के बीच मुकाबला है

डिजिटल डेस्क, घाटशिला। Ghatshila Chunav Result 2024: झारखंड की घाटशिला सीट पर चंपई सोरेन का जादू नहीं चल पाया और अपने बेटे को जीत नहीं दिला पाए। इस सीट पर झामुमो के रामदास सोरेन ने चंपई के बेटे बाबू लाल सोरेन को बुरी तरह हरा दिया। रामदास सोरेन को 98356 वोट मिले जबकि बाबू लाल सोरेन को 75910 वोट मिले।

 2005 में यहां हुए पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदीप कुमार बालमुचु विधायक चुने गए। इसके बाद 2009 के चुनाव मे यहां से झारखंड मुक्ति मोर्चा के रामदास सोरेन को विधायक चुना गया। 2014 के चुनाव में इस सीट पर भाजपा के लक्ष्‍मन टुडू ने कब्‍जा किया और विधायक बने। 2019 के चुनाव में इस सीट से झामुमो के रामदास सोरेन विजयी हुए।

घाटशिला सीट का इतिहास

झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में घाटशिला सीट महत्‍वपूर्ण स्‍थान रखती है। जमशेदपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्‍सा यह इलाका 2000 में बिहार से अलग होकर बने राज्‍य झारखंड में शामिल हुआ। पूर्वी सिंहभूम जिले का यह कस्‍बा सुवर्नरेखा नदी के किनारे पर बसा होने के चलते बेहद उपजाऊ जमीन का मालिक है।

यहां चावल, गेहूं समेत कई फसलों की अच्‍छी उपज होती है। इस इलाके का ज्‍यादातर हिस्‍सा वन से घिरा होने के चलते बेहद मनोरम लगता है। घाटशिला क्षेत्र आजादी से पहले धलभम सल्‍तनत का मुख्‍यालय था। इस क्षेत्र का रनकिनी मंदिर लोगों की आस्‍था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।