विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड का एक अजूबा थाना... अपराध ऐसा कि एक साथ 15 पुलिस जवान कर दिए गए निलंबित

Published: Tue, 03 Nov 2026 07:00 AM (IST)

आदित्यपुर के गम्हरिया थाने में महिला से दुष्कर्म मामले में 15 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं। इस घटना के बाद ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।(AI Generated Image)

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।(AI Generated Image)

HighLights

  1. गम्हरिया थाने में महिला से दुष्कर्म का आरोप।

  2. एसपी ने महिला सुरक्षा हेतु नए नियम जारी किए।

संसू, आदित्यपुर। झारखंड का पुलिस महकमा इन दिनों एक ऐसे सनसनीखेज मामले को लेकर चर्चा में है, जिसने खाकी की कार्यप्रणाली और थानों में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। 
 
सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गम्हरिया थाने में एक महिला के साथ हुए कथित दुष्कर्म के मामले में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी गाज गिराते हुए एक साथ 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। 
 
घटना को 48 घंटे तक दबाकर रखने और अपनी जिम्मेदारी में कोताही बरतने के इस संगीन मामले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है।
 

क्या है पूरा मामला? 

यह पूरी घटना बीती 29 अक्टूबर की रात की है। जब एक महिला घरेलू हिंसा या प्रताड़ना से तंग आकर न्याय की गुहार लगाने रात करीब 11 बजे गम्हरिया थाना पहुंची थी। 
 
आरोप है कि थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज कुमार लकड़ा ने पीड़िता को अपने कमरे में ठहराया और वहीं उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
 
इस घटना का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि घटनास्थल के ठीक पास ही पुलिस बैरक मौजूद था, जहां उस वक्त 15 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी मौजूद थे। 
 
इसके बावजूद किसी को इस अमानवीय कृत्य की भनक तक नहीं लगी या फिर सबने आँखें मूंद लीं। थाने के तमाम अधिकारियों और जवानों ने इस गंभीर संज्ञेय अपराध को वरीय अधिकारियों से छिपाए रखा।
 
जब शनिवार को यह मामला सार्वजनिक हुआ, तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जनता और विभिन्न राजनीतिक दलों के भारी आक्रोश के बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आया। 
 
आनन-फानन में मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके अलावा, घटना के समय ओडी (OD) ड्यूटी पर तैनात पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार साहू और थाने के मुंशी संतोष राय को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। 
 
सूत्रों के अनुसार, जेल भेजे गए मुंशी संतोष राय का पूर्व में भी जमशेदपुर के विभिन्न थानों में विवादित और आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
 

महिला पुलिस के बिना थाने में नहीं रुकेगी कोई महिला

 
गम्हरिया थाने की इस लज्जाजनक घटना से कड़ा सबक लेते हुए एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने जिले के सभी थानों के लिए बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 
 
नए फरमान के तहत यह अनिवार्य कर दिया गया है कि यदि किसी भी शिकायतकर्ता या पीड़िता महिला को थाने में रोकना पड़े, तो वहां महिला पुलिस पदाधिकारी या महिला कर्मी की मौजूदगी हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। 
 
यदि महिला पुलिसकर्मी उपलब्ध न हो, तो किसी भी परिस्थिति में महिला को थाने में नहीं रोका जाएगा। एसपी ने 29-30 अक्टूबर की रात का जिक्र करते हुए बताया कि पति द्वारा मारपीट की सूचना पर गश्ती दल महिला को थाना लाया था, लेकिन महिलाकर्मी की अनुपस्थिति और सुरक्षा के प्रति बरती गई घोर लापरवाही के कारण यह अप्रिय घटना हुई। 
 
नए आदेशों में महिलाओं के साथ पूरी शालीनता और सम्मानजनक व्यवहार करने, उनकी शिकायतों की गोपनीयता बनाए रखने और उनकी व्यक्तिगत जानकारी (जैसे मोबाइल नंबर, पता, फोटो आदि) को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी थाना प्रभारियों को चेतावनी दी गई है कि इन नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह भी पढ़ें- गम्हरिया थाना कांड: महिला से सिपाही ने किया दुष्कर्म, एसपी ने थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी किए निलंबित

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।