यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Naxali Protest: नक्सली नेता प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के विरोध में भाकपा माओवादी मना रहा है प्रतिरोध दिवस
Naxali Protest नक्सलियों ने रेलवे ट्रैक पर धमाका कर केंद्र व राज्य सरकार को चुनौती देते हुए अपनी धमक का ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : भाकपा माओवादी केंद्रीय कमेटी व पोलित ब्यूरो सदस्य सह पूर्वी रीजनल ब्यूरो सचिव सचिन दा व केंद्रीय कमेटी सदस्य शील मरांडी को पिछले दिनों पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके विरोध में ही पूर्वी रीजनल ब्यूरो, भाकपा (माओवादी) देश भर में पांच दिवसीय प्रतिरोध दिवस मना रहा है। इस विरोध दिवस का असर शुक्रवार रात दिखना शुरू हो गया है। नक्सलियों ने चक्रधरपुर मंडल से 20 किलोमीटर दूर सोनुवा व लोटा पहाड़ के बीच रेलवे ट्रैक पर बम लगाकर उड़ा दिया।
इसके कारण ट्रैक के स्लीपर और ओवरहेड वायर बुरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। इस घटना के कारण हावड़ा-मुंबई रूट में अप व डाउन लाइन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। रेलवे ने एहतियात बरतते हुए सभी यात्री ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशन पर रोक दिया है। इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गई है। वहीं, इंजीनियरिंग विभाग भी ट्रैक को रि-स्टोर करना शुरू कर दिया है। लेकिन इस घटना ने नक्सलियों ने रेलवे ट्रैक पर धमाका कर केंद्र व राज्य सरकार को चुनौती देते हुए अपनी धमक का एहसास करा दिया है।
प्रतिरोध दिवस को सफल बनाने की मांग
सोनुवा व लोटा पहाड के बीच जिस स्थान पर रेलवे ट्रैक को बम लगाकर उड़ाया है। उसके सामने ही नक्सलियों ने लाल रंग का एक बैनर टांग कर गए हैं। जिसमें उन्होंने सचिन दा व शीला मरांडी की गिरफ्तारी के विरोध में पांच दिवसीय प्रतिरोध दिवस मनाने की बात कही है। इस घटना से रेलवे की इंटेलिजेंस पर सवाल उठ रहा है कि नक्सलियों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत भारत बंद की घोषणा की थी और चक्रधरपुर मंडल से महज 20 किलोमीटर दूर इस घटना को अंजाम देते हैं। ऐसे में रेलवे की खुफिया विभाग और जांच एजेंसियां आखिर कर क्या रही है।
कई यात्रियों की फ्लाइट छूटी
अधिकतर यात्री हावड़ा इसलिए जाते हैं कि वे दमदम एयरपोर्ट से इंटरनेशनल या डोमिस्टक फ्लाइट पकड़ सके। लेकिन इस घटना के बाद एक दर्जन से अधिक ट्रेन विलंब से चल रही है। जिसके कारण कई यात्रियों की फ्लाइट छूट गई।
