गाय सिर्फ जीव नहीं, शक्ति है : योगी अश्विनी
गाय को सिर्फ जीव या पशु न समझें यह शक्ति है। शास्त्रों में इसे कामधेनु कहा गया है। कामधेनु अर्थात जिससे हर चीज की प्राप्ति हो सकती है। वह आपकी सारी इच्छाओं की पूर्ति कर सकती है। जब तक सृष्टि में गाय है तब तक हमारा अस्तित्व है..

संवाद सूत्र, चाकुलिया : गाय को सिर्फ जीव या पशु न समझें, यह शक्ति है। शास्त्रों में इसे कामधेनु कहा गया है। कामधेनु अर्थात जिससे हर चीज की प्राप्ति हो सकती है। वह आपकी सारी इच्छाओं की पूर्ति कर सकती है। जब तक सृष्टि में गाय है तब तक हमारा अस्तित्व है। इसलिए गोवंश की रक्षा व इसके संरक्षण से अच्छा कोई दूसरा काम हो ही नहीं सकता। ये बातें ध्यान फाउंडेशन संस्था के संस्थापक योगी अश्विनी ने कही। वे संस्था द्वारा चाकुलिया एरोड्रम परिसर में खोले जा रहे नए गोशाला के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के उद्देश्य से पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि समाज में सदैव दो तरह की शक्तियां सक्रिय रहती हैं। एक सुरी व दूसरी आसुरी। गो हत्या का काम आसुरी शक्तियां करती हैं, जबकि बचाने का काम सुरी शक्तियां। अब आपको खुद ही यह निर्णय लेना है कि आप किस ओर हैं। इसमें बीच का कोई मार्ग नहीं है। योगी ने कहा कि अंग्रेज गवर्नर जनरल राबर्ट क्लाइव ने बंगाल पर कब्जा करने के बाद सबसे पहले बूचड़खाना खुलवाया था। इसके बाद वहां तेजी से गोवंश का कत्ल शुरू हुआ था। कुछ दिनों बाद ही बंगाल में भीषण अकाल पड़ा। बड़ी संख्या में लोग बेमौत मारे गए। आगे चलकर क्लाइव ने खुद भी आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि गो रक्षा करने वालों का कभी अनिष्ट नहीं हो सकता। यदि गोवंश पर कहीं अत्याचार हो रहा हो तो आपको चुप नहीं बैठें। पूरी क्षमता के साथ इसे रोकने का प्रयास करें। योग साधना के बारे में उन्होंने कहा कि यह बहुत ही गूढ़ विषय है। इससे ब्रह्मांड के सभी द्वार खुल जाते हैं। चाकुलिया में संस्था द्वारा चलाए जा रहे गो सेवा कुंज पर योगी ने कहा कि डा. शालिनी मिश्रा व उनके सहयोगियों ने यहां गो संरक्षण का अद्भुत कार्य किया है। इससे पूर्व गोशाला परिसर में यज्ञ व हवन का आयोजन किया गया। मौके पर कोचिन के हृदय रोग विशेषज्ञ डा. प्रसन्न, डा. मनीषा, हैदराबाद की मीनाक्षी विजयवर्गीय, दिल्ली के शिवन, जमशेदपुर के गो प्रेमी आरके अग्रवाल समेत कोलकाता, मुंबई व देश के विभिन्न शहरों से ध्यान फाउंडेशन के कई सदस्य व गो सेवक आए थे।
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