जमशेदपुर : कोरोना काल में जहां लाखों करोड़ों लोगों का रोजी रोजगार छीन गया। जैसे सरकार ने लॉकडाउन में छूट दी। हर इंसान रोजी रोटी के लिए भाग-दौड़ करने लगे। हर व्यक्ति यही चाहने लगे कि कहां और क्या बिजनेस किया जाए ताकि अधिक से अधिक कमाई की जाए। यदि आप भी अच्छी कमाई करना चाहते हैं तो हम आपको एक ऐसी खेती करने का आइडिया दे रहे हैं, जिससे आप लाखों रुपये आराम से कमा सकते हैं। दरअसल हम बात कर रहे हैं चंदन की। चंदन की एक ऐसी लकड़ी है, जिसकी मांग देश-विदेश में जबरदस्त है। आज हम आपको चंदन की खेती के संबंध में जानकारी दे रहे हैं। चंदन की खेती में जितनी आपकी लागत आएगी उससे कई गुना अधिक कमाई होगी।

ऐसे करें चंदन की खेती

चंदन के पेड़ों को दो तरीके से तैयार किया जा सकता है। पहला आर्गेनिक और दूसरा पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है। आर्गेनिक तरीके से चंदन के पेड़ तैयार करने में करीब 10-15 साल लगते हैं और वहीं दूसरी ओर परंपरागत तरीके से चंदन के पेड़ तैयार करने में लगभग 20-25 साल का समय लगता है।

8 साल तक बाहरी सुरक्षा की नहीं होती जरूरत

चंदन के पेड़ को शुरू के 8 सालों तक किसी बहारी सुरक्षा की जरूरत नहीं होती है। उसके बाद इससे खुशबू आने लगती है। लिहाजा ऐसे में इसके चोरी-छिपे काटे जाने का डर रहता है। इसलिए आपको पेड़ को पूरी तरह तैयार होने तक उसे जानवरों और अन्य लोगों से बचाकर रखना होगा। इसके पेड़ रेतीले और बर्फिले इलाकों को छोड़कर हर जगह उगाए जा सकते हैं।

 चंदन का उपयोग

चंदन का सबसे ज्यादा उपयोग परफ्यूम बनाने में किया जाता है। इसके अलावा ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता हे। आयुर्वेदिक दवा बनाने के लिए भी चंदन का इस्तेमाल किया जाता है।

एक पेड़ से पांच लाख रुपये तक की हो जाएगी कमाई

यदि आप चंदन का पौधा लगाते हैं तो किसी भी अच्छी नर्सरी में यह 100-150 रुपये तक में मिल जाएगा। चंदन का पौधा परजीवी होता है। यानि कि वह खुद जमीन पर जीवित नहीं रह सकता। उसे जीवित रहने के लिए किसी के सहारा की जरूरत होती है। यानि उसके साथ एक होस्ट पौधे की जरूरत होती है। यह होस्ट पौधा 50-60 रुपये में आता है। जब पेड़ बड़ा हो जाता है तो किसान हर साल उससे 15-20 किलो लकड़ी आसानी से काट सकता है। बाजार में यह लकड़ करीब 30 हजार रुपये प्रति किलो की दर से बिकती है। ऐसे में एक पेड़ लगाने पर आपको हर साल करीब पांच लाख रुपये की आमदनी हो सकती है।

Edited By: Jitendra Singh