जमशेदपुर, जासं। साहित्यकारों की धरती जमशेदपुर में सौरभ मंडल के रूप में एक और साहित्यकार का जन्म हो रहा है। हम ऐसा इसलिए कह सकते हैं, क्योंकि 18 वर्ष की उम्र में सौरभ ने कई किताबें लिखी हैं, जिसमें ‘दुनिया के शीर्ष 51 रहस्य’ व ‘दुनिया के 25 असाधारण रहस्य’ काफी चर्चा में रहीं।

16 वर्ष की उम्र से ब्लॉग लिख रहे सौरभ की किताब ‘ऑल यू नीड टू नो’ इस बात के लिए प्रेरित करती है कि कैसे हर रोज नई चीजें सीखते रहें। ये पुस्तकें डिजिटल और पेपरबैक दोनों स्वरूपों में है।

अब तो सौरभ ने अपना प्रकाशन कंपनी भी शुरू कर दी है, जिसके माध्यम से वे पाठकों तक नई-नई पुस्तकें प्रस्तुत कर रहे हैं। गूगल ज्ञान ग्राफ, पीआर कवरेज, ब्रांड प्रचार, आदि के अलावा डिजिटल मीडिया, एथिकल हैकिंग, फिक्शन और नॉन-फिक्शन पर आधारित कई पुस्तकों के लेखक भी हैं, जो पाठकों के बीच व्यापक रूप से लोकप्रिय रही हैं।

उम्र का सफलता से कोई लेना-देना नहीं

सौरभ ने इस बात को साबित किया है कि उम्र का सफलता से कोई लेना-देना नहीं होता। सौरभ ने 16 वर्ष की उम्र में लिखना शुरू कर दिया था। उत्कृष्टता के अपने वर्षों के अभ्यास के माध्यम से, उन्होंने अपनी प्रतिभा व सोच से लेखन में सफलता हासिल की। लंबे समय तक लेखन जारी रखा और भारत के लोकप्रिय लेखकों में से एक बन गए।

2020 में उन्होंने अपनी खुद की कंपनी शुरू की, जिसके माध्यम से वे गुणवत्तापूर्ण कार्यों को प्रकाशित करते हैं। 16 साल की उम्र में जब ज्यादातर बच्चों को यह जानना मुश्किल होता है कि वह किस विषय में अपना कॅरियर बनाए, सौरभ ने अपना ब्लॉग शुरू करने के बारे में सोचा और आज वह भारत के सबसे सफल ब्लॉगर्स में से एक हैं। जमशेदपुर के इस लेखक ने अपने निरंतर प्रयास और समर्पण के साथ अब खुद को प्रकाशन उद्योग में एक सफल लेखक के रूप में स्थापित किया है।

इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय

तेजी से उभर रहे इस युवा लेखक की सक्रियता इंटरनेट मीडिया पर बखूबी देखी जा सकती है। इनके पास फॉलोअर की एक बड़ी तादाद है, जो इन्हें आदर्श मानते हैं। इनकी उपलब्धियों से प्रेरित होते हैं। सौरभ अपने मंच का उपयोग न केवल प्रायोजकों के माध्यम से ब्रांडों का समर्थन करने के लिए करते हैं, बल्कि लोगों को प्रयास करने और अपने सपनों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने के लिए भी करते हैं।

वह लिखने, यात्रा करने, ब्लॉगिंग करने और सामान्य तौर पर ऐसी किसी भी चीज के बारे में सोचते हैं, जो उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। हालांकि सौरभ यह जानते हैं कि उत्कृष्टता कभी घंटों या दिनों में नहीं मिलती। बड़ी मंजिल पाने के लिए दृढ़ता और अथक प्रयास की आवश्यकता होती है। वास्तव में सौरभ ने युवाओं के लिए कौशल और दृढ़ता के मूल्य को फिर से परिभाषित किया है, क्योंकि वे हजारों लोगों के लिए एक आदर्श बने हुए हैं।

Edited By: Jitendra Singh