जमशेदपुर बिंदल मॉल फायरिंग: कुणाल शर्मा के पुराने जमीन कनेक्शन आए सामने, रंजीत बैज हत्याकांड से जुड़ रहे तार
जमशेदपुर के बिंदल मॉल फायरिंग मामले में कुणाल शर्मा के पुराने जमीन कनेक्शन सामने आए हैं, जिससे आपराधिक और जमीन ...और पढ़ें

शुरुआती जांच में जमीन के विवाद और पुरानी रंजिश समेत कई अहम बिंदुओं को खंगाला जा रहा है।
HighLights
बिंदल मॉल फायरिंग में कुणाल शर्मा के जमीन कनेक्शन उजागर हुए।
पुलिस रंजीत बैज हत्याकांड से जुड़े पुराने जमीन सौदों की जांच कर रही।
चांडिल, आदित्यपुर, कपाली में अपराधियों के जमीन नेटवर्क की पड़ताल।
संसू, आदित्यपुर। जमशेदपुर के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के पास हुई अचानक फायरिंग की घटना ने क्षेत्र के आपराधिक और जमीन माफियाओं के गठजोड़ को उजागर कर दिया है।
वारदात के वक्त कुणाल शर्मा द्वारा एक होटल के किचेन में छिपकर अपनी जान बचाने की सूचना सामने आने के बाद पुलिस ने जांच की दिशा और दायरा दोनों व्यापक कर दिए हैं।
जांच टीम अब बारीकी से यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी से ठीक पहले कुणाल के साथ मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और वहां किस संवेदनशील मुद्दे या वित्तीय सौदे को लेकर बैठक चल रही थी।
पुलिस जमीन कारोबार और आपसी भारी लेन-देन से जुड़े विवादों को इस जांच का मुख्य केंद्र बिंदु मानकर आगे बढ़ रही है। फायरिंग के दौरान कुणाल के किचेन में शरण लेने की पुष्टि पुलिस जांच के दौरान हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हमलावरों को वहां मौजूद विशिष्ट व्यक्तियों की सटीक जानकारी किसने और कैसे दी तथा फायरिंग का वास्तविक निशाना कौन था।
घटना स्थल पर घटना से ठीक पहले मौजूद लोगों की भूमिका और उनके बीच हुए संवाद को भी केस डायरी का हिस्सा बनाया गया है।
जमीन के दस्तावेजों से उजागर हुआ पुराना गठजोड़
मामले की गहराई से तफ्तीश के दौरान पुलिस के हाथ चांडिल के पुरीसिली स्थित एक बहुचर्चित जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज लगे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस जमीन की खरीदारी में कुणाल शर्मा की पत्नी के साथ महावीर पांडा और मधुसूदन दास की पत्नी संयुक्त रूप से साझेदार थीं।
बाद में इस कीमती जमीन को जमशेदपुर के एक बड़े कारोबारी को बेचे जाने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस फिलहाल इन सभी दस्तावेजों और पैसों के लेन-देन का सत्यापन कर रही है।
इस सौदे ने पुलिस का ध्यान आनंदपुर के चर्चित जमीन कारोबारी रंजीत बैज हत्याकांड की ओर मोड़ दिया है। रंजीत बैज हत्याकांड में कुणाल शर्मा और डोमनिक सैमसंग के नाम मुख्य आरोपियों में सामने आए थे।
जबकि महावीर पांडा और मधुसूदन दास इस मामले में सरकारी गवाह बने थे। अब पुलिस इस बात की गहन पड़ताल कर रही है कि एक हत्याकांड के आरोपी और सरकारी गवाहों के परिवारों के बीच आखिरकार जमीन के धंधे में यह व्यापारिक साझेदारी कब, क्यों और किन परिस्थितियों में कायम हुई।
चांडिल से कपाली तक अपराधियों का व्यापक नेटवर्क
कार्तिक मुंडा की मौत के बाद पुलिस को कुणाल शर्मा, मनोज सरकार और डोमनिक सैमसन समेत कई नामी अपराधियों के संगठित जमीन कारोबार में सक्रिय होने की पुख्ता जानकारी मिली है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शहर की विवादित अथवा बेहद कम कीमत वाली जमीनों को औने-पौने दामों में हथियाकर बड़े बिल्डरों तक पहुंचाने में इनकी क्या भूमिका रही है।
इसके साथ ही कपाली के गौरी क्षेत्र में जमीन की घेराबंदी और वित्तीय लेन-देन को लेकर हाल ही में हुए विवादों की भी फाइल खोल दी गई है।
पुलिस चांडिल, आदित्यपुर और कपाली क्षेत्र में जमीन कारोबार से सीधे जुड़े अपराधियों की सूची तैयार कर बिंदल मॉल फायरिंग की कड़ियों को आपस में जोड़ रही है।
