बिन्दल मॉल फायरिंग मामला का 'डोबो कनेक्शन': जमीन कारोबार में आपसी रंजिश की आशंका, पुलिस खंगाल रही आपराधिक तार
जमशेदपुर के बिंदल मॉल में हुई फायरिंग की जांच जमीन कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई की ओर इशारा कर रही ...और पढ़ें

शुरुआती जांच में जमीन के विवाद और पुरानी रंजिश समेत कई अहम बिंदुओं को खंगाला जा रहा है।
HighLights
जमशेदपुर के बिंदल मॉल में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग हुई।
पुलिस जांच जमीन कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई पर केंद्रित।
डोबो इलाके में जमीन विवाद और पुरानी रंजिश की पड़ताल।
जासं, जमशेदपुर। सोनारी के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद पुलिस जांच का दायरा जमीन कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई तक पहुंच गया है।
शुरुआती जांच में जमीन के विवाद और पुरानी रंजिश समेत कई अहम बिंदुओं को खंगाला जा रहा है। पुलिस इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि वारदात के पीछे किस गुट की मुख्य भूमिका रही है।
DIG ने SIT के साथ देर रात की समीक्षा बैठक
घटना के बाद शनिवार देर रात तक कोल्हान डीआईजी (DIG) पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करते रहे। उन्होंने गोलमुरी केनरा बैंक डकैती और सोनारी बिंदल मॉल फायरिंग की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) से अब तक हुई कार्रवाई की प्रोग्रेस रिपोर्ट ली।
दोनों मामलों में संदिग्धों की पहचान, घटनाक्रम, तकनीकी साक्ष्य और संभावित आपराधिक कनेक्शन पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई।
डोबो में जमीन कारोबार बना विवाद की वजह!
पुलिस जांच में कपाली ओपी क्षेत्र के डोबो इलाके में तेजी से बढ़ रहे जमीन के कारोबार को इस घटना की अहम कड़ी माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जमीन के कारोबार में कुछ प्रभावशाली लोगों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले युवकों की सक्रियता सामने आई है।
डोबो और सोनारी इलाके में जमीन कारोबार को लेकर अलग-अलग गुटों के बीच वर्चस्व की जंग बढ़ी है, जिससे पुरानी रंजिश के जुड़ने की आशंका जताई जा रही है।
शहर में दहशत का माहौल, शूटरों की तलाश तेज
निखर सबलोक हत्याकांड के बाद बिंदल मॉल में दिनदहाड़े हुई फायरिंग से शहर में खौफ का माहौल है। इस सार्वजनिक स्थान पर हुई फायरिंग में चार युवक घायल हुए हैं।
पुलिस अब घायल डोमनिक सैमसन और उसके साथियों के जमीन कारोबार से जुड़े संपर्कों तथा प्रतिद्वंद्वी गुटों से विवाद के पहलू की जांच कर रही है।
पुलिस का मुख्य फोकस अब शूटरों तक पहुंचने के साथ वारदात के पीछे छिपे सूत्रधारों की पहचान करना है।
