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पूर्वोत्तर रेलवे ने महिला ट्रैक मेंटेनर्स के बदले कैडर, अब पटरियों की देखभाल के लिए नहीं उठाना पड़ेगा हथौड़ा

Published: Sat, 26 Sep 2026 10:46 PM (IST)

पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में 15 महिला ट्रैक मेंटेनर्स का कैडर बदल दिया गया है। अब उन्हें पटरियों की देखभाल के कठिन शारीरिक श्रम से राहत मिलेगी।

महिला ट्रैक मेंटेनरों के कैडर बदले।

महिला ट्रैक मेंटेनरों के कैडर बदले।

HighLights

  1. 15 महिला ट्रैक मेंटेनर्स का कैडर बदला गया।

  2. कठिन शारीरिक श्रम वाले कार्य से मिली मुक्ति।

  3. अब कम मेहनत वाले पदों पर करेंगी काम।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। भारी भरकम हथियारों का झोला और हाथ में वजनदार हथौड़ा लेकर विषम हालात में पटरियों की देखभाल करने वालीं 15 महिला रेलकर्मियाें का कैडर बदल दिया गया है। अब यह महिला रेलकर्मी अपेक्षाकृत कम मेहनत का काम करेंगी। रेलवे में ट्रैक मेंटेनर्स सबसे अधिक मेहनत करने वाला संवर्ग है।

पटरियों की देखभाल करने के लिए सेक्शन की पेट्रोलिंग और भारी औजार से नट-बोल्ट की फीटिंग जैसे काम करने पड़ते हैं। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में भी महिला ट्रैक मेंटेनर्स कड़ाके की सर्दी, भीषण गर्मी और बारिश के बीच अपनी ड्यूटी करती हैं।

रेलवे बोर्ड ने इन महिला रेलकर्मियों के लिए उनके कैडर में बदलाव का एक अवसर देने का आदेश दिया था। डीआरएम गौरव अग्रवाल ने इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत पात्र लेवल-1 में कार्य कर रहीं 15 महिला ट्रैक मेंटेनर्स के कैडर का परिवर्तन का आदेश दिया था।

इन महिला ट्रैक मेंटेनर्स को उनकी शैक्षिक योग्यता एवं पात्रता के अनुरूप अपेक्षाकृत सुगम, सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वाले सहायक परिचालन, प्वाइंट्समैन-बी, सहायक सिग्नल एवं दूरसंचार, सहायक कैरिज एवं वैगन (खलासी हेल्पर) और सहायक टीएल एवं एसी में पदस्थापित किया गया है।

डीआरएम ने बताया कि इस निर्णय से महिला रेलकर्मियों को धूप, वर्षा एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में कठोर शारीरिक श्रम कर ट्रैक अनुरक्षण कार्य से राहत मिलेगी।

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