रेलवे बोर्ड ने सेंट्रल टिकट चेकिंग स्क्वायड में शामिल होने की बदली पात्रता, अब दो बार से ज्यादा नहीं मिलेगी तैनाती
रेलवे बोर्ड ने सेंट्रल टिकट चेकिंग स्क्वायड (CTCS) में कर्मचारियों की तैनाती के नियमों में बदलाव किया है। अब मधुर ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
स्क्वायड में अब अधिकतम दो बार ही तैनाती मिल सकेगी।
दागरहित कार्यप्रणाली और मधुर व्यवहार वाले कर्मी ही पात्र होंगे।
पात्रता के लिए 4200 रुपये ग्रेड पे में तीन वर्ष का अनुभव।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। यात्रियों से मधुर व्यवहार, पांच साल के दौरान दागरहित कार्यप्रणाली और यात्री सुविधाओं को लेकर त्वरित निर्णय लेने की क्षमता वाले रेल कर्मी ही अब सेंट्रल टिकट चेकिंग स्क्वायड का हिस्सा बनेंगे। स्क्वायड में अब अधिकतम दो बार ही तैनाती मिल सकेगी।
रेलवे की आय बढ़ाने और टिकट चेकिंग में लगे कुछ कर्मचारियों पर अवैध वसूली की शिकायतों को देखते हुए लखनऊ सहित देश के सभी रेल मंडलों में यह नई व्यवस्था लागू होगी। रेलवे बोर्ड के निदेशक पैसेंजर मार्केटिंग (समन्वय) प्रवीण कुमार ने देश के सभी जोनल को स्क्वायड की तैनाती और गठन के नियम में बदलाव के आदेश जारी किए हैं।
आवेदन करने के लिए योग्यता
नए आदेश के तहत सीटीसी स्क्वायड के लिए आवेदन करने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ का ग्रेड पे 4200 रुपये या उससे अधिक होना चाहिए और उन्हें 4200 रुपये के ग्रेड पे (छठा वेतन आयोग) में न्यूनतम तीन वर्ष तक कार्य किया होना चाहिए।
चीफ कामर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर (लेवल 6) के मामले में 4200 रुपये के ग्रेड पे में तीन वर्ष की सेवा के साथ, टिकट चेकिंग कैडर में न्यूनतम एक वर्ष के अनुभव पर ही स्क्वायड में कार्य करने के लिए पात्र होंगे। स्क्वायड के लिए आवेदन के समय आयु 55 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए।
आनबोर्ड सेवाओं के संबंध में जांच करने की योग्यता और रुचि होनी चाहिए। स्टाफ को सीटीसी में अधिकतम 5 वर्षों के निश्चित कार्यकाल के लिए तैनात किया जाएगा, कार्यकाल बढ़ाने का कोई प्रविधान नहीं होगा। स्क्वायड में पोस्टिंग अधिकतम दो बार तक सीमित होगी।
स्क्वायड में दो पोस्टिंग के बीच कूलिंग ऑफ अवधि न्यूनतम तीन वर्ष निर्धारित की जाएगी, ताकि समय-समय पर नई प्रतिभाओं को शामिल किया जा सके। स्क्वायड में टिकट चेकिंग स्टाफ की कुल संख्या 40 होगी।
यह भी पढ़ें- नौकरी मिलने के बाद परिवार के साथ दिल्ली-मुंबई रहने लगी थीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, भदोही में आठ की सेवा समाप्त
