अमित तिवारी, जमशेदपुर । सरायकेला-खरसावां जिले के बासुदा गांव निवासी पूनम महतो के घर में जन्मी आयुषी गुरुवार को तीन साल की हो गयी। अब वह बोलने भी लगी है और चलने भी। इस साल से स्कूल भी जाने लगेगी और पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। इस बच्ची से पूरे देश को काफी उम्मीद है। जन्म लेते ही आयुषी का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी खास रिश्ता है। आयुषी प्रधानमंत्री को दादा कहती है। मोबाइल व टीवी पर जब भी प्रधानमंत्री को देखती तो वह दादा-दादा चिल्लाने लगती।

दरअसल, विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना (आयुष्मान भारत) का तीन साल पूरा होने वाला है। रांची से इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2018 को की थी। उसके बाद जमशेदपुर के सदर अस्पताल में यह पहली बच्ची इस योजना के तहत जन्मी थी। इसे देखते हुए चिकित्सकों ने उस बच्ची का नाम आयुषी रखा है। प्रधानमंत्री जब दूसरी बार रांची आए थे, तो वे आयुषी व उसके माता-पिता से मिले थे। आयुषी को आशीर्वाद दिया था। कहा था-डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करेगी आयुषी। अब बच्ची तीन साल की हो गई है। स्कूल जाने का समय हो गया है। अब पढ़ाई भी शुरू होगी। आयुषी के माता-पिता का कहना है कि प्रधानमंत्री की योजना से जन्मी आयुषी को डॉक्टर बनाकर उनके सपने को पूरा करेंगे। अगर ऐसा होता है तो आयुषी अपने गांव की पहली बेटी होगी, जो डॉक्टर बनेगी।

 इस बार नहीं मन रहा जन्मदिन

आयुषी के पिता सिकंदर महतो किसानी के साथ-साथ मजदूरी का काम करते हैं। कहते हैं कि जब खेती का समय होता तो वे खेती करते और जब खेती का समय नहीं रहता तो वे मजदूरी करते। फिलहाल आदित्यपुर के एक कंपनी में मजदूरी का काम कर रहे हैं। सिकंदर महतो कहते हैं कि इस बार उनके बड़े भाई व आयुषी के मामा घर में एक-एक व्यक्ति का देहांत होने की वजह से जन्मदिन धूमधाम से नहीं मन रहा है। पिछले दो साल से आयुषी का जन्मदिन धूमधाम से मन रहा था, जिसमें पूरे गांव के लोग शामिल होते थे।

पूनम के पास नहीं था ऑपरेशन कराने का पैसा

आयुषी की मां पूनम कहती है कि जब मैं गर्भवती थी, तब काफी ज्यादा चिंतित थी। मन में चल रहा था कि अगर ऑपरेशन कराने की स्थिति आई तो वह उतना पैसा कहां से लाएगी। हमारे पास दवा खरीदने का भी पैसा नहीं था। लेकिन, इसी बीच प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत कर दी और उनके घर में हंसती-खेलती आयुषी आ गई। इस दौरान एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ। दवा से लेकर ऑपरेशन तक सबकुछ मुफ्त में हुआ। प्रधानमंत्री ने सारा टेंशन दूर कर दिया। 22 सितंबर को सदर अस्पताल मैं भर्ती हुई थी और 23 सितंबर को आयुषी का जन्म हुआ।

आयुषी का नाम चिकित्सकों ने रखा

पूनम कहती हैं कि मैंने सोचा भी नहीं था कि आयुषी का जन्म होने के बाद वह देशभर के मीडिया में छा जाएगी। टीवी चैनलों से लेकर अखबारों में उसकी फोटो छपी। वजह थी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा झारखंड की राजधानी रांची से कुछ देर पहले शुरू की गई प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेवाइ) यानी आयुष्मान भारत योजना। पूनम की बेटी पहली लाभार्थी बनी, इसे देखते हुए चिकित्सकों ने इसका नाम आयुषी रखा है।

तीस हजार से अधिक लोगों का हुआ इलाज

पूर्वी सिंहभूम जिले में इस योजना के तहत अभी तक तीस हजार से अधिक लोगों का इलाज हुआ है। इसमें कई वैसे मरीज भी शामिल हैं, जो पैसे के अभाव में बीते कई वर्ष से इलाज कराने में असमर्थ थे। लेकिन, योजना शुरू होने के बाद उनकी सर्जरी हुई और जान बचाई गई। वहीं, जिले में अभी तक आठ लाख से अधिक लोगों का गोल्डन कार्ड बना है।

 

Edited By: Rakesh Ranjan