जमशेदपुर वीमेंस कालेज में माहवारी स्वच्छता पर जागरुकता कार्यक्रम
इस कार्यक्रम के दौरान लिखित क्विज का आयोजन किया गया। कालेज के गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष डा. रमा सुब्रमण्यम के सफल नेतृत्व एवं समन्वयन द्वारा कार्यक्रम का आयोजन हो पाया। क्विज में सफल छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। जमशेदपुर वीमेंस कालेज के गृह विज्ञान विभाग एवं इंदिरा आईवीएफ प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में माहवारी स्वच्छता विषय पर पांच मार्च को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में इंदिरा आईवीएफ सेंटर की जमशेदपुर सेंटर की मुख्य डा. वंदना ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन की मदद से छात्राओं को महावारी स्वच्छता संबंधी अति महत्वपूर्ण जानकारियां दी।
उन्होंने माहवारी के समय की सावधानियों पर प्रकाश डालते हुए डाक्टरी सलाह की आवश्यकता पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के दौरान लिखित क्विज का आयोजन किया गया। कालेज के गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष डा. रमा सुब्रमण्यम के सफल नेतृत्व एवं समन्वयन द्वारा कार्यक्रम का आयोजन हो पाया। क्विज में सफल छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में गृह विभाग विज्ञान की शिक्षिका डा. डी. पुष्पलता का योगदान रहा। कार्यक्रम में गृह विज्ञान एवं क्लीनिकल न्यूट्रीशन एवं डाइटेटिक्स की छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
एलबीएसएम में विज्ञान दिवस पर मासिक कार्यक्रम की हुई शुरुआत
कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा विज्ञान दिवस पर घोषित मासिक कार्यक्रम के तहत शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल कालेज जमशेदपुर में शुभारंभ विज्ञान के विद्यार्थियों के बीच किया गया। इस दौरान भाषण श्रृंखला आयोजित की गई। यह श्रृंखला 12 एवं 26 मार्च को भी किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डा. अशोक कुमार झा ने किया। उन्होंने वैज्ञानिक चेतना पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भाषणों में राजा बानरा प्रथम, ङ्क्षसघु मुर्म को द्वितीय एवं खुखुमनी भगत तृतीय रही।
विज्ञान दिवस कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर अरङ्क्षवद प्रसाद पंडित ने रमन प्रभाव की व्याख्या की तथा विज्ञान दिवस कार्यक्रम में 25मार्च को विज्ञान पर पोस्टर एवं माडल की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें से बेहतर तीन का चयन कर कोल्हान विश्वविद्यालय स्तर पर 29 मार्च को शामिल होने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष, डा. किरण दूबे ने भी चंद्रशेखरण वेंकट रमण के खोज की चर्चा की। डा. संगीता भुई सेन ने विज्ञान को साहित्य से जोड़ कर व्याख्या की।
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