जागरण प्रतिनिधि, जमशेदपुर : आज के दौर में फिजियोथेरेपी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। इसका प्रमुख कारण यह है कि कई ऐसी बीमारियां हैं जो कि फिजियोथेरेपी के माध्यम से पूरी तरह से ठीक हो जाती हैं। लकवा (पैरालाइसिस) जैसी बीमारी पूरी तरह से फिजियोथेरेपी से ही ठीक होती है। यह जानकारी शहर के प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. गौतम कुमार भारती ने बुधवार को दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम प्रश्न प्रहर के दौरान दी। इस दौरान अधिकतर पाठकों ने लकवा, जोड़ों का दर्द व स्पोंडिलाइटिस के बारे में चिकित्सकीय सलाह मांगी। पेश है प्रश्न प्रहर कार्यक्रम के दौरान पाठकों द्वारा किए गए प्रमुख सवाल व डॉ. भारती द्वारा दिए गए उत्तर।

मेरे पापा के शरीर का दायां हिस्सा लकवाग्रस्त है। उन्हें बोलने व उठने-बैठने में काफी दिक्कत है। ब्लडप्रेशर भी बढ़ा हुआ है।

-एस. भवानी, सोनारी एवं संतोष, मानगो

आप न्यूरोलॉजिस्ट की देखरेख में विटामिन व ब्लडप्रेशर की दवा नियमित रूप से लें। पानी अधिक पिएं। आत्मविश्वास न खाने की सलाह दें। फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह पर या देखरेख में फेराडिक स्टीमुलेशन का उपयोग करें। शुरुआती दौर में दो-तीन सप्ताह तक सस्पेनशन थेरेपी का उपयोग करें। अंगों में कुछ गति आने पर पीएनआर तकनीक से व्यायाम करें। नियमित 20-20 मिनट कर चलने का अभ्यास करें। लाभ अवश्य होगा।

मेरे शरीर के सभी जोड़ों में दर्द रहता है। सुबह के समय शरीर जकड़ जाता है। कभी-कभी बुखार हो जाता है। दवा से कोई लाभ नहीं होता है।

-पिंकू, मानगो व दिनेश शर्मा, साकची

सबसे पहले भोजन में चना दाल, पालक का साग, टमाटर, सोयाबीन, नींबू, खट्टा दही तथा गोश्त का सेवन बंद करें। किसी योग्य रूमेटोलॉजिस्ट से सलाह लें। कंधरासन व पूर्ण मत्स्येन्द्रासन करें। एक्सरसाइज बॉल के साथ रीढ़ की एक्सरसाइज करें। सभी जोड़ों को धीरे-धीरे गति दें। प्रभावित जोड़ पर अल्ट्रासोनिक थेरेपी करें। रीढ़ पर आइएफटी और छोटे-छोटे जोड़ों में पैराफिन वैक्स की गर्म पट्टी का इस्तेमाल करें।

मैं सर्वाइकल स्पेंडिलाइटिस की मरीज हूं। मेरे सी-4, सी-5 में वर्टीकल स्पेस कम हो गया है। हाथ में भी तकलीफ है।

-मीरा, सोनारी

आप एक्स-रे करा लें। यदि स्पोंडिलाइटिस है तो इंटरमिटेंट सरवाइकल ट्रेक्सन का उपयोग करें। किसी योग्य थेरेपिस्ट की देखरेख में कंबाइन थेरेपी, अल्ट्रासोनिक थेरेपी एवं आइएफटी का उपयोग करें। साथ ही एक्सरसाइज (आइसोमेट्रिक नेक) करें। गर्दन नीचे न करें। मोटे व सख्त तकिए का इस्तेमाल न करें। गर्दन की मालिश न करें। भारी सामान न उठाएं। कुछ दिनों के लिए किसी भी वाहन का प्रयोग कम से कम करें। साथ ही सर्वाइकल कॉलर का उपयोग करें।

मैं हाई ब्लडप्रेशर की मरीज हूं। मुझे खान-पान तथा आसन के बारे में उचित सलाह दें।

-नेहा कुमारी, कदमा, आफताब आलम, आजाद बस्ती, मानगो

आप गोमुखासन, पद्मासन व श्वासन नामक आसन करें। साथ ही नाड़ी शोधन, शीतकारी व शीतली प्राणायाम करें। प्रतिदिन 20 से 25 मिनट तक खुली हवा में सैर करें और 50-100 बार गहरी सांस लें। आप पपीता, खजूर, मुनक्का, किशमिश और दूध का सेवन करें। साथ ही नारियल पानी, नींबू और शहद को पानी के साथ मिलाकर सेवन करें लेकिन आप नकम, घी, आचार, मिठाई व मसालेदार सब्जी से परहेज करें।

मेरे कंधे में दर्द रहता है। शायद मुझे फ्रोजेन सोल्डर हो गया है। क्या करें।

-हंसा पटेल, जुगसलाई, रमेश चंद्र काशीडीह

आप सोल्डर व्हीट बोर्ड पर नियमित रूप से कंधे का व्यायाम करें। साथ ही अल्ट्रासोनिक थेरेपी भी लें।

मेरी उम्र 65 वर्ष है। मेरे घुटने में दर्द रहता है। उठने-बैठने के दौरान एक आवाज सुनाई देती है। दवा से कोई फायदा नहीं हो रहा है। क्या करना चाहिए।

-सुरेन्द्र कुमार, सोनारी

उम्र के साथ हड्डियों में बदलाव होता है। आप कैल्शियम की गोली का सेवन करें तथा घुटने से नीचे स्किन ट्रेशन का उपयोग करें। एस.डब्ल्यू.डी. तथा लाग वेव डाइथेरेपी मशीन का उपयोग करें। साथ ही आइसोमेट्रिक (घुटनों का व्यायाम) करें।

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