जमशेदपुर, जासं। झारखंड के जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित चर्च स्कूल बेल्डीह के कक्षा 12वीं बी के 17 छात्रों को खेल-खेल में जयश्री राम का नारा लगाने पर मंगलवार को निलंबित करने के मामले में बुधवार को सियासी सरगर्मी तेज रही। मामले को ले स्कूल पर कार्रवाई तथा छात्रों के निलंबन की मांग को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला के शिक्षा विभाग में जहां शिक्षा सत्याग्रह के आहवान पर हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया, वहीं चर्च स्कूल बेल्डीह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन की सूचना स्कूल प्रबंधन को बुधवार को सुबह ही तक मिल गई। इस कारण दबाव में स्कूल की ओर से सभी छात्रों का निलंबन वापस ले लिया गया। छात्रों को स्‍कूल से फोन कर बुलाया गया।

  बुधवार को स्कूल में अभाविप के प्रदर्शन के बाद अभाविप के कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल स्कूल की प्राचार्य एल पीटरनसन से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों के निलंबन वापस लेने की मांग की। प्राचार्य द्वारा कई तर्क अभाविप कार्यकर्ताओं के समक्ष रखा गया, लेकिन वे नहीं माने। प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्वकर्ता अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सागर राय ने कहा कि स्कूल धर्म निरपेक्षता की बात करता है, लेकिन एक धर्म विशेष के छात्रों को अपने भगवान का नाम लेने पर निलंबित कर दिया गया। यह गलत है। स्कूल निलंबन वापस नहीं लेगा तो जबरदस्त आंदोलन होगा।

   इधर पूर्वी सिंहभूम के शिक्षा विभाग के कार्यालय में शिक्षा सत्याग्रह के आहवान पर तमाम हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल जिला शिक्षा पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार से मिला तथा स्कूल पर कार्रवाई एवं छात्रों का निलंबन वापस लेने की मांग की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार ने कहा कि इस मामले में स्कूल को स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। नोटिस भेजा गया है। जवाब भी बुधवार को देने को कहा गया है। शिक्षा विभाग में प्रदर्शन कार्यक्रम में शिक्षा सत्याग्रह के अंकित आनंद, अप्पू तिवारी, संपूर्ण ङ्क्षहदू समाज के मनीष सिंह ङ्क्षहदुस्तानी, शशि सिंह, उपेंद्र वर्मा, नीरज दुबे, चीकू, राज मिश्रा, अमित पाठक, जमशेदपुर टाईगर क्लब के आलोक मुन्ना, आजाद गिरी, अंकित दुबे, सौरव राउत, बाबू मुखी, रिक्की पांडेय, सोनू सिंह, केसरी सेना के प्रवीण प्रसाद, प्रभाकर दुबे, बिट्टू सिंह, राहुल पांडेय, अंकुश साहनी, नीरज शर्मा, माई दरबार सेवा संघ के अभिषेक ओझा, सोनू सिंह, पवन ओझा, अविनाश सिंह, छात्र आजसू के दीपक पांडेय शामिल थे। 

सुबह-सुबह अभिभावकों को गया फोन, कहा आ जाओ स्कूल

जयश्री राम का नारा लगाने पर निलंबित छात्रों के अभिभावकों को बुधवार की सुबह-सुबह स्कूल की ओर से फोन किया गया। स्कूल की ओर से सभी निलंबित छात्रों को स्कूल आने को कहा गया है। कुछ छात्र स्कूल भी पहुंचे तथा कुछ तक संवाद पहुंचने में लेट हो गया। इस कारण अब वे गुरुवार से स्कूल आएंगे। 

बयान से पलटी प्रिंसिपल, दिया विभाग को जवाब

शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए तत्कालिक नोटिस में चर्च स्कूल प्रबंधन की ओर प्रिंसिपल एल पीटरसन ने शिक्षा विभाग को जवाब दिया है। प्रिंसिपल की ओर से सार्वजनिक नोटिस भी सभी प्रेस को सूचनार्थ प्रेषित किया है। स्कूल की प्रिंसिपल ने बुधवार को जारी अपने बयान में कहा है कि किसी छात्र को निलंबित नहीं किया गया है। ये छात्र लाइब्रेरी क्लास बंक मार रहे थे। इस कारण इनके अभिभावकों को समझाने के लिए बुलाया गया था, ताकि उन्हें अपने बच्चों की गतिविधियों के बारे में पता चल सके। 

बीते दिन इस मामले की शिकायत शिक्षा सत्याग्रह के संस्थापक अंकित आनंद व आजसू नेता अप्पू तिवारी ने जिला शिक्षा अधीक्षक से की। शिकायत में इन दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि यह हिंदू धर्म की भावना से जुड़ा हुआ मामला है। इनका कहना है कि जय श्रीराम का नारा लगाने पर कार्रवाई सरासर अनुचित है। इस मामले मेंं स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। 

मामले को तूल पकड़ता देख चर्च स्‍कूल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सफाई दी है। स्‍कूल के प्रिंसिपल ने कहा है कि किसी भी छात्र को निलंबित नहीं किया गया है। ये सभी छात्र स्‍कूल में लाइब्रेरी पीरियड से गायब थे। जिन्‍हें अभिभावकों को बुलाकर लाने को कहा गया है। यह कदम अभिभावकों को उनके बच्‍चों की स्‍कूल से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देने के लिए उठाया गया है। कुछ दिनों में शुरू होने वाले बोर्ड एग्‍जाम को देखते हुए ऐसा किया गया है।

कुछ इस तरह प्रकरण ने पकड़ा 

मंगलवार को चर्च स्कूल बेल्डीह की कक्षा 12वीं में पढऩे वाले छात्रों का एक ग्रुप खेलने के दौरान जयश्री राम का नारा स्कूल कैंपस में लगा रहा था। इसकी जानकारी प्रिंसिपल एल पीटरसन व अन्य सदस्यों को मिली। इसके बाद अनुशासन समिति की बैठक हुई। जिसमें स्‍कूल प्रबंधन ने इन सभी 17 छात्रों पर अनुशासनात्‍मक कार्रवाई करते हुए 5 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया है। इस दौरान कार्रवाई के दायरे में आए छात्रों को 5 दिनों तक स्कूल न आने की हिदायत दी गई है।

इधर बुधवार को इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। संपूर्ण हिंदू समाज, शिक्षा सत्याग्रह, जमशेदपुर टाइगर क्लब, केसरी सेना, माइ दरबार सेवा संघ, छात्र आजसू और विश्‍व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता 17 छात्रों को निलंबित करने के मामले को लेकर सड़क पर उतरे। जिला शिक्षा कार्यालय पर प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं ने स्‍कूल पर कार्रवाई की मांग करते हुए एक ज्ञापन भी डीएसई को सौंपा। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सभी निलंबित छात्रों को कार्रवाई से मुक्‍त करने को लेकर देर तक अपनी आवाज बुलंद करते रहे। कार्यकर्ता चर्च स्‍कूल पर भी प्रदर्शन की बात कर रहे हैं।

पहले प्राचार्या ने कहा कि अनुशासन के लिए बच्‍चों को स्‍टडी लीव पर भेजा गया

मंगलवार को पूछे जाने पर स्‍कूल की प्राचार्या एल पीटरसन ने कहा था कि यह स्कूल कैंपस है। इसी तरह के नारे के कारण पहले एमएनपीएस में विवाद हो चुका है। हम यहां कोई विवाद नहीं चाहते। बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए उन्हें स्टडी लीव में भेजने का निर्णय लिया गया है। वैसे भी इन बच्चों की परीक्षा एक अक्टूबर से है। 

Edited By: Vikas Srivastava