फेमस हड्डी रोग डॉक्टर भानु शंकर पर लगा 12.50 लाख रुपये का जुर्माना, गलत इलाज के कारण पैर काटने की आ गई थी नौबत
हजारीबाग के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. भानु शंकर पर उपभोक्ता फोरम ने लापरवाही का जुर्माना लगाया। अधिवक्ता परमानंद प्रधान ने शिकायत दर्ज कराई थी जिसमे उन्होंने बताया की इलाज में लापरवाही के कारण उन्हें शारीरिक और मानसिक कष्ट हुआ। फोरम ने माना की डॉ. भानु शंकर की लापरवाही से मरीज को पीड़ा हुई और उन्हें 12.50 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

संवाद सहयोगी, हजारीबाग। शहर के प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. भानु शंकर पर चिकित्सीय लापरवाही का मामला साबित होने के बाद उपभोक्ता फोरम ने 12 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह आदेश फोरम के अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने दिया।
अधिवक्ता परमानंद प्रधान ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 नवंबर 2017 को नाली में गिरने से उनका पैर टूट गया। अगले दिन वे इलाज के लिए डॉ. भानु शंकर के पास पहुंचे।
डॉक्टर ने सलाह दी कि पैर में रॉड डालकर ऑपरेशन करना जरूरी होगा। 7 नवंबर 2017 को उनका ऑपरेशन किया गया और नियमित रूप से चेकअप कराने को कहा गया। लगभग एक माह तक इलाज चलता रहा, लेकिन इसके बाद ऑपरेशन स्थल पर पस भर गया।
पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने दोबारा डॉक्टर से संपर्क किया तो उन्होंने आगे इलाज से हाथ खड़े कर दिए। बाद में रांची, पटना, हैदराबाद और शेखपुरा के कई डॉक्टरों से इलाज कराया। इस दौरान लगभग दर्जन भर ऑपरेशन भी हुए। संक्रमण इतना बढ़ गया था कि पैर काटने की नौबत आ गई थी, लेकिन हैदराबाद के डॉक्टरों की सूझबूझ से पैर बचा लिया गया।
परमानंद प्रधान ने बताया कि लगभग पांच वर्षों तक इलाज कराते रहे, तब जाकर पैर ठीक हुआ। इसके बाद 5 सितंबर 2022 को उपभोक्ता फोरम में शिकायत संख्या 71 / 2022 दर्ज कराई। फोरम ने सुनवाई के बाद माना कि डॉ. भानु शंकर की लापरवाही से मरीज को लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ी। इसी आधार पर उन्हें पीड़ित को 12.50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।
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