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हजारीबाग में मंदिर निर्माण को लेकर 2 गांवों के बीच हिंसक झड़प, पथराव में 15 से अधिक घायल

Published: Sun, 08 Nov 2026 06:18 PM (IST)

हजारीबाग के बड़कागांव में बुढ़वा महादेव मंदिर निर्माण को लेकर कांडतरी और गुरुचट्टी गांवों के बीच हिंसक झड़प हुई। पथराव ...और पढ़ें

बड़कागांव में हिंसक झड़प। फोटो जागरण

बड़कागांव में हिंसक झड़प। फोटो जागरण

HighLights

  1. बुढ़वा महादेव मंदिर निर्माण को लेकर दो गांवों में झड़प।

  2. पथराव और मारपीट में 15 से अधिक लोग हुए घायल।

  3. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया।

संवाद सूत्र, बड़कागांव (हजारीबाग)। बड़कागांव के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बुढ़वा महादेव मंदिर के निर्माण को लेकर दो गांवों के बीच चल रहा विवाद रविवार को हिंसक झड़प में तब्दील हो गया।

मंदिर निर्माण के विवाद को लेकर कांडतरी और गुरुचट्टी गांव के ग्रामीण आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव और मारपीट हुई।

इस घटना में 15 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें आधा दर्जन लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल पांच से छह लोगों को बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया है।

घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे बड़कागांव ब्लॉक मोड़ के समीप हुई। अचानक हुए पथराव से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।

एहतियात के तौर पर घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। घायलों का विभिन्न स्थानों पर इलाज कराया जा रहा है।

क्या है विवाद की वजह?

बड़कागांव प्रखंड के महूदी पहाड़ की चोटी पर राजा दलेल सिंह द्वारा प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण कराया गया था। यह मंदिर बुढ़वा महादेव के नाम से प्रसिद्ध है।

समय के साथ मंदिर की देखरेख और विकास को लेकर कई उतार-चढ़ाव आए। इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मंदिर में स्थापित शिवलिंग को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद यह स्थल राज्य स्तर पर चर्चा में आया था।

पूर्व में गुरुचट्टी गांव के ग्रामीणों द्वारा मंदिर की देखरेख की जाती थी। उनके प्रयास से पहाड़ के ऊपर तक पहुंचने के लिए सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं के साथ मंदिर परिसर के विकास के कई कार्य किए गए।

इसके बाद बुढ़वा महादेव शांति सह विकास समिति का गठन कर उसका निबंधन कराया गया। इसमें कांडतरी, खेरातरी सहित बड़कागांव के कई गांवों के लोगों की भागीदारी रही।

हालांकि, बाद में कांडतरी के ग्रामीणों ने अलग से समिति का निबंधन करा लिया। इसके बाद दोनों गांवों के बीच अलग-अलग कार्यक्रमों के आयोजन और मंदिर के प्रबंधन को लेकर मतभेद गहराने लगे।

विवाद को सुलझाने के लिए कई बार सार्वजनिक बैठकें भी हुईं। पुलिस प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।

मंदिर निर्माण बना विवाद की नई वजह

बताया जाता है कि अब पुराने मंदिर को नए सिरे से निर्माण कराने के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच विवाद और गहरा गया। दोनों गांवों के ग्रामीण मंदिर निर्माण और उससे जुड़े अधिकारों को लेकर आमने-सामने हैं।

इसी विवाद को लेकर एक दिन पूर्व थाने में आवेदन भी दिया गया था। इसके बावजूद रविवार को दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और देखते ही देखते मामला पथराव एवं मारपीट तक पहुंच गया।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल पुलिस की तत्परता से स्थिति नियंत्रित कर ली गई है।

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