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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अपडेट::75 साल की वृद्ध महिला भूखजनित बीमररी से मौत, दो माह से नहीं मिला था राशन

By JagranEdited By:
Published: Fri, 26 Oct 2018 10:11 PM (IST)

-भूख से मौत की खबर सुन दौड़े अधिकारी, संस्कार के लिए दिया तीन हजार -ग्रामीणों से लिखव

अपडेट::75 साल की वृद्ध महिला भूखजनित बीमररी से मौत, दो माह से नहीं मिला था राशन
अपडेट::75 साल की वृद्ध महिला भूखजनित बीमररी से मौत, दो माह से नहीं मिला था राशन

-भूख से मौत की खबर सुन दौड़े अधिकारी, संस्कार के लिए दिया तीन हजार

-ग्रामीणों से लिखवाया नहीं हुई भूख से मौत

-दो माह से नहीं मिल रहा था राशन, कोई पूछने नहीं आया -पड़ोसी जकारियास तिर्की ने कहा बुधवार को थोड़ा सा खाना खाकर सो गई थी सीता देवी

-सुबह देखा तो हो चुकी थी मौत

जागरण संवाददाता, गुमला: विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव के विधानसभा क्षेत्र के बसिया-बसिया के लुंगटु गाव की 75 वर्षीय वृद्ध असहाय सीता देवी की शुक्रवार को तड़के मौत हो गई। भूखजनित बीमारी से मौत की सूचना फैलने के बाद बीडीओ, सीओ, आपूर्ति पदाधिकारी उसके घर पहुंचे। भूख से मौत नहीं हुई यह साबित करने के लिए ग्रामीणों से लिखवाया। पोस्टमार्टम भी नहीं कराना बड़ा सवाल है। अधिकारियों की दलील थी कि मौत की वजह की पड़ताल के लिए पोस्टमार्टम कराना चाहते थे। ग्रामीणों ने नहीं कराने दिया, कहा कि भूख से नहीं स्वाभाविक मौत हुई है। बाद में सीता के पुत्र के आने के बाद उसके लुंगटू गांव में ही उसे दफना दिया गया।

सूत्रों के अनुसार दो माह से उसे राशन नहीं मिल पाया था। चलने में असमर्थ रहने के कारण राशन नहीं ले पा रही थी। गांव के लोग उसे खाना दे रहे थे। भूख से मौत की खबर सुन उसके गांव दौड़ने वाले प्रशासनिक अधिकारी को फुर्सत नहीं मिली कि उसके यहां अनाज की व्यवस्था की जा सके। अंतत: सीता देवी की शुक्रवार को तड़के मौत हो गई। वह बीते दस - बारह वषरें से अकेले रहती थी। सीता देवी का एक पुत्र है सुकरा नागेसिया, पालकोट के सतखारी में अपने ससुराल में अपनी छ: वर्षीय पुत्री के साथ रह कर खेती बारी कर जीविका चलाता है। पुत्र कभी कभार आकार मां का हाल-चाल लेता था।

सीता बीते दो-तीन माह से काफी कमजोर हो गई थीं। चलने में भी असमर्थ हो गई थी। राशन दुकान नहीं जा पाने के कारण उसे राशन नहीं मिल रहा था। पड़ोसी उसकी देख भाल करते थे। खाना खिला देते थे। देख भाल कर रही पड़ोसी जकारियास तिर्की ने बताया कि सीता गुरुवार शाम को थोड़ा सा खाना खाई और सो गई। सुबह देखा तो पता चला उसकी मौत हो गयी है। सूचना मिलने पर पुत्र सुकरा भी गाव पंहुचा। वहीं प्रखण्ड प्रशासन से बीडीओ विजय नाथ मिश्रा ,सीओ संतोष बैठा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ सीता देवी के गाव पहुंचे व अंतिम संस्कार के लिए तत्काल तीन हजार रुपये की आर्थिक मदद की

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