आदिवासी नेत्री निशा भगत के निधन से गुमला में शोक, श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे झारखंड के तीनों पूर्व मुख्यमंत्री
आदिवासी नेत्री निशा भगत के आकस्मिक निधन से गुमला और जनजातीय समाज में गहरा शोक है। उनके आवास पर श्रद्धांजलि ...और पढ़ें

आदिवासी नेत्री निशा भगत के निधन से गुमला में शोक। जागरण
HighLights
आदिवासी नेत्री निशा भगत के निधन से गुमला में शोक।
झारखंड के तीनों पूर्व मुख्यमंत्री देंगे श्रद्धांजलि।
जागरण संवाददाता, गुमला। आदिवासी नेत्री निशा भगत के आकस्मिक निधन से गुमला सहित पूरे जनजातीय समाज में शोक और आक्रोश का माहौल है, देर रात उनका पार्थिव शरीर गुमला पहुंचने के बाद से ही डीएसपी रोड स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है।
राजनीतिक, सामाजिक और संगठनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, शनिवार दोपहर 12 बजे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा और रघुवर दास उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, इस दौरान जनजातीय समाज और संगठन से जुड़े लोग आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
निशा भगत से अपने संगठनात्मक जुड़ाव को याद करते हुए एक करीबी ने बताया कि वर्ष 2008-09 में गुमला में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री के रूप में कार्य करने के दौरान उन्होंने ही निशा भगत को संगठन से जोड़ा था, निशा शुरू से ही निडर, साहसी और संघर्षशील स्वभाव की थीं, किसी जरूरतमंद की सहायता करने में हमेशा आगे रहती थीं, संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखने की क्षमता उन्हें अलग पहचान देती थी।

वह सामाजिक और जनजातीय मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहती थीं। उनके आकस्मिक निधन ने जनजातीय समाज और सामाजिक संगठनों के बीच एक बड़ी रिक्तता पैदा कर दी है, उनके समर्थकों और परिचितों का कहना है कि उनके संघर्ष, साहस और संगठनात्मक सक्रियता को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
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