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‘संजय गांधी विलेन और राजीव देवता?’ सोनिया गांधी की किताब पर निशिकांत दुबे का तंज

Published: Sun, 08 Nov 2026 02:52 PM (GMT+05:30)

Sonia Gandhi Autobiography Sparks Controversy: सोनिया गांधी की आत्मकथा में आपातकाल को गलती बताया गया है, जिसके लिए उन्होंने संजय गांधी को जिम्मेदार ठहराया है।

सोनिया गांधी, संजय गांधी, राहुल गांधी और निशिकांत दुबे। (एआइ फोटो)

सोनिया गांधी, संजय गांधी, राहुल गांधी और निशिकांत दुबे। (एआइ फोटो)

HighLights

  1. सोनिया गांधी ने आपातकाल को गलती बताया, संजय गांधी को जिम्मेदार ठहराया।

  2. इंदिरा गांधी आपातकाल के दौरान सहज नहीं थीं, राजीव गांधी भी खिलाफ थे।

  3. निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार की आपातकाल भूमिका पर सवाल उठाए।

डिजिटल डेस्क, गोड्डा। Nishikant Dubey: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ रिलीज से पहले ही राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।

10 नवंबर को प्रकाशित होने वाली इस किताब में सोनिया गांधी ने अपनी सास और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से रिश्तों, संजय गांधी और देश में लागू आपातकाल (इमरजेंसी) को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं।

इमरजेंसी (Emergency)के फैसले को उन्होंने एक गलती करार दिया है। साथ ही, इसके दौरान हुए नुकसान के लिए एक तरह से अपने देवर संजय गांधी की भूमिका को जिम्मेदार ठहराया है। सोनिया गांधी के इन बयानों पर भाजपा के फायरब्रांड नेता और गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने तंज कसा है।

सोनिया गांधी ने एक ब्रिटिश समाचार पत्र को दिए इंटरव्यू में इमरजेंसी को लेकर अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि अगर संजय गांधी को ‘नियंत्रण में’ रखा गया होता, तो आपातकाल लागू होने के बाद हुए काफी नुकसान को रोका जा सकता था।

सोनिया के मुताबिक, इंदिरा गांधी मूल रूप से लोकतांत्रिक विचारों वाली थीं और आपातकाल के दौरान वह सहज नहीं थीं। उन्होंने कहा, “मुझे हमेशा लगता है कि इंदिरा गांधी दिल से एक लोकतांत्रिक इंसान थीं।

मुझे पता है कि कई लोग इस बात पर हंसेंगे, लेकिन मेरा मानना है कि आपातकाल के दौरान वह कभी सहज नहीं थीं। मुझे लगता है कि यह उन पर एक भारी बोझ की तरह था।”

Sonia Gandhi ने यह भी बताया कि आपातकाल लागू करने के फैसले को लेकर परिवार में मतभेद थे। उनके पति राजीव गांधी इस कदम के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने अपनी मां इंदिरा गांधी को अगले चुनाव तक इंतजार करने की सलाह दी थी।

वहीं, संजय गांधी (Sanjay Gandhi) आपातकाल लागू करने के फैसले पर अड़े हुए थे। परिवार के साथ एक डिनर के दौरान संजय गांधी ने तर्क दिया था कि विपक्ष उनकी मां को राजनीतिक रूप से खत्म कर देगा। उन्होंने इंदिरा गांधी से कहा था, “उन्हें रोकना ही होगा।”

निशिकांत दुबे ने उठाए सवाल

सोनिया गांधी की आत्मकथा और इंटरव्यू में किए गए खुलासों को लेकर भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे (MP Nishikant Dubey) ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तंज कसा।

उन्होंने लिखा, “सोनिया गांधी जी की किताब से यह पता चला कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के पुत्र ही शासन चला रहे थे, पद और गोपनीयता की शपथ तो इंदिरा गांधी जी ने गलत ही लिया था।

अब तो ना राजीव गांधी जी (Rajiv Gandhi) ना संजय गांधी जी जिंदा हैं, जवाब कौन देगा? संजय गांधी जी आपातकाल के विलेन और राजीव जी देवता?”

निशिकांत दुबे के इस बयान के जरिए आपातकाल के दौरान सत्ता संचालन और गांधी परिवार की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। सोनिया गांधी के बयान और भाजपा सांसद की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर आपातकाल के दौर को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।

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