झारखंड के 2 मंत्रियों को धमकी का मामला: 'मारकर रहूंगा...', यूपी भागने की फिराक में था पकड़ाया आरोपी
गिरिडीह में दो मंत्रियों को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी देने वाले अंकित कुमार मिश्रा नामक एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने वीडियो जारी कर सुदिव्य कुमार और डॉ. इरफान अंसारी को धमकी दी थी। पुलिस ने उसे पटना से गिरफ्तार किया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

जागरण संवाददाता, गिरिडीह। सूबे के दो मंत्रियों को उड़ाने की सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी देने वाला युवक आखिरकार पुलिस के गिरफ्त में आ गया। गिरफ्तार युवक करीब 21 वर्षीय अंकित कुमार मिश्रा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर का रहने वाला है।
युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए गिरिडीह के विधायक सह सूबे के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार व जामताड़ा के विधायक सह स्वास्थ्य मंत्री डा. इरफान अंसारी को जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपित युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इसके बाद गठित एसआईटी में शामिल पुलिस पदाधिकारियों ने धमकी देने वाले आरोपित युवक को वृंदावन भागने के क्रम में बिहार के पटना से धर दबोचा। उक्त जानकारी अपने कार्यालय कक्ष में गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक डा. बिमल कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि 27 अगस्त 2025 को सोशल मीडिया पर मंत्री सुदिव्य कुमार व डॉ. इरफान अंसारी को जान से मारने की धमकी देने से संबंधित एक वीडियो वायरल होने की सूचना प्राप्त हुई थी। वायरल वीडियो में एक युवक अपने आप को अंकित कुमार कुमार मिश्रा बताया था। उक्त युवक दोनों मंत्रियों का नाम लेकर 24 घंटे के अंदर उड़ाने व जान मारने की धमकी दे रहा था।
कुमार ने कहा कि वायरल वीडियो में अंकित बोल रहा था कि घर से कसम खा कर निकले हैं कि जब तक उन लोगों को नहीं मारेंगे, तब तक घर में नहीं घुसेंगे, जो होगा देखा जाएगा। घटना को गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी।
गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मानवीय व तकनीकी सूचनाओं के आधार पर उक्त वायरल वीडियो में दिख रहे युवक अंकित को बिहार के पटना से 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद युवक का नाम पता का सत्यापन अंकित कुमार मिश्रा के रूप में की गई।
पूछताछ में अंकित ने उक्त दोनों मंत्रियों को जान से मारने की धमकी देने से संबंधित वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की बात स्वीकार की है। वहीं, उक्त युवक ने किसी अन्य आपराधिक गिरोह से संबंध नहीं होने की जानकारी दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए हर बिंदु पर जांच की जा रही है।
प्रेस वार्ता के बाद आरोपित युवक को सदर अस्पताल में चिकित्सीय जांच कराते हुए न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। प्रेस वार्ता में सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव, साइबर डीएसपी मो. आबिद खान, मुफस्सिल थानेदार श्याम कुमार महतो, नगर थानेदार ज्ञानरंजन भी मौजूद थे।
आरोपित के पास से जब्त सामान
आरोपित युवक के पास से पुलिस ने कई सामान बरामद की है। इसमें एक एंड्रायड मोबाइल व पेन ड्राइव समेत अन्य सामान शामिल है।
अजीत ने दर्ज कराई है प्राथमिकी
आरोपित युवक के खिलाफ चिरैयाघाट रोड बरमसिया निवासी अजीत कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह प्राथमिकी मुफ्फसिल थाने में बीएनएसएस की धाराओं के अलावा आइटी एक्ट के तहत दर्ज की गई थी।
वर्ष 2023 में गया था जेल
आरोपित युवक अंकित वर्ष 2023 में मोबाइल चोरी के आरोप में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ मोबाइल चोरी से संबंधित एक मामला 16 मई 2023 को नगर थाने में दर्ज किया गया था।
तीन बार बदल दिया सिम
मंत्रियों को धमकी देने वाला आरोपित युवक ने वीडियो वायरल करने के बाद पुलिस की पकड़ में आने से बचने को लेकर नई तरकीब अपनाई थी। उसने भागने के क्रम में तीन सिम भी बदले थे ताकि पुलिस गच्चा खा जाए।
छह दिन पहले अंकित से किया गया था मारपीट
जानकारी यह भी मिली है कि आरोपित युवक के साथ पिछले पांच-छह दिन पहले उसके घर में घुसकर कुछ युवकों ने मारपीट करते हुए धमकी दी थी। इसके एक दिन पहले रात को आटो लेकर घर आने के क्रम में भी उसके साथ युवकों ने गाली-गलौज करते हुए घर तक दौड़ाया था।
शिकायत लेकर गया था थाने व विधायक के पास
आरोपित युवक के पिता अरुण मिश्रा ने बताया कि घर में घुसकर मारपीट करने वाले युवकों के खिलाफ शिकायत लेकर उनका पुत्र नगर थाना भी गया था। लेकिन वहां से उसकी शिकायत सुनने के बजाए पुलिस ने उसे वापस लौटा दिया था। इसके बाद न्याय की आस लिए अंकित विधायक सुदिव्य कुमार के यहां भी गया था, लेकिन उसकी शिकायत वहां भी नहीं सुनी गई थी, जिससे वह आहत हो गया था।
गिरोह की दी है पुलिस को जानकारी
सूचना है कि आरोपित युवक ने वायरल वीडियो मामले में जिले में एक गिरोह के सक्रिय रहने की बात कही थी। वहीं, गिरफ्तारी के बाद आरोपित युवक ने भी पुलिस को पूछताछ के क्रम में कई अहम जानकारी दी हैं, लेकिन पुलिस इस प्रकार के गिरोह की बात होने से इनकार कर रही है।
फिलहाल चलाता था टोटो, कई जगह किया है काम
पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपित युवक फिलहाल किराए का टोटो चलाया करता था। इसके पहले वह बड़ा चौक स्थित एक दुकान में काम किया करता था। उससे पहले होटल में दरबान का भी काम कर चुका था। वहीं, किसी पदाधिकारी के यहां खाना बनाने का काम भी कर चुका था।
पिता ने मिलने से किया इनकार
आरोपित युवक के पिता ने अपने गिरफ्तार पुत्र से थाने में मिलने से इनकार किया है। कहा कि वह बेटे की हरकतों से आजिज आ चुके हैं और जेल में भी नहीं मिलने जाएंगे। अंकित के पिता बरवाडीह स्थित रंग फैक्ट्री में दिहाडी मजदूरी कर घर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
एसडीपीओ समेत अन्य थे एसआईटी में शामिल
एसपी की ओर से गठित एसआइटी का नेतृत्व सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव कर रहे थे। इसमें एसडीपीओ के अलावा साइबर डीएसपी मो. आबिद खान, मुफस्सिल थानेदार श्याम कुमार महतो, नगर थानेदार ज्ञानरंजन, साइबर थानेदार रामेश्वर भगत, एसआइ प्रिनन, संजय कुमार, विक्रम कुमार, तकनीकि शाखा के जोधन महतो, पुलिस लाइन से शिवम कुमार, रंजन कुमार शामिल थे।
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