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    डुमरी उपचुनाव में बेबी देवी और यशोदा देवी के बीच कड़ा मुकाबला, जानें किसके सिर सजेगा अगले विधायक का ताज

    By Ashish Kumar BhagatEdited By: Arijita Sen
    Updated: Thu, 24 Aug 2023 05:12 PM (IST)

    पांच सितंबर को डुमरी उपचुनाव में उम्मीदवारों का भाग्य EVM में बंद होगा। आठ सितंबर को मतगणना के बाद पता चलेगाडुमरी का विधायक कौन बना। यहां से INDIA गठबंधन से प्रत्याशी बेबी देवी चुनाव लड़ रही हैं। वे दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की पत्नी हैं। वहीं AJSU के कद्दावर नेता रहे स्व. दामोदर महतो की धर्मपत्नी यशोदा देवी NDA प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं।

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    डुमरी उपचुनाव में बेबी देवी और यशोदा देवी में कड़ा मुकाबला।

    संसू, डुमरी (गिरिडीह)। पांच सितंबर को डुमरी उपचुनाव व शिक्षक दिवस के दिन डुमरी के नए विधायक का भाग्य इवीएम में बंद हो जाएगा। उस दिन डुमरी विधानसभा क्षेत्र के मतदाता विधायक का चुनाव करेंगे। मतदाता 373 बूथों में मत डालकर क्षेत्र से खड़े छह प्रत्याशियों का भाग्य इवीएम में बंद कर देंगे जबकि आठ सितंबर को मतगणना के बाद डुमरी का विधायक कौन बना, यह लोग जान पाएंगे।

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    बेबी देवी और यशोदा देवी में कड़ा मुकाबला

    डुमरी विधानसभा क्षेत्र से आइएनडीआइए गठबंधन से प्रत्याशी बेबी देवी चुनाव लड़ रही हैं। वे दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की पत्नी हैं। वहीं आजसू के कद्दावर नेता रहे स्व. दामोदर महतो की धर्मपत्नी यशोदा देवी एनडीए प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं।

    2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी प्रदीप साहू को कुल 36,013 मत मिले थे व आजसू प्रत्याशी यशोदा देवी कुल मत 36,840 लाई थीं। इस बार एनडीए गठबंधन ने यशोदा देवी को चुनाव मैदान उतारा गया है। भाजपा ने आजसू को समर्थन दिया है।

    डुमरी विधानसभा चुनाव में आजसू तथा भाजपा के वोट को मिला देने से दिवंगत जगरनाथ महतो को प्राप्त वोट से ज्यादा था। वर्ष 2019 में जगरनाथ महतो 71,128 वोट लाकर लगातार चौथी बार विधायक बने थे। इस बार मुख्य मुकाबला आइएनडीआइए गठबंधन के प्रत्याशी और एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी के बीच होना माना जा रहा है।

    अब्दुल मोबिन रिजवी भी कुर्सी हथियाने की फिराक में लगे

    वहीं मत विभाजन कर एआइएमआइएम के प्रत्याशी अब्दुल मोबिन रिजवी भी कुर्सी हथियाने की फिराक में लगे हुए हैं। उन्हें वर्ष 2019 के चुनाव में कुल 24,132 मत मिले थे। इसे लेकर वे स्वजातीय मतों को समेटने के साथ-साथ अन्य जातियों के वोटों को साधने में जुटे हैं।

    अब अब्दुल मोबिन रिजवी खुद दगंल मारने के कितने करीब होंगे या फिर किसे जीत से दूर करने का कारक बनेंगे, यह तो आठ सितंबर को पता चलेगा। लेकिन इतना तो तय है कि उनके चुनावी समर में उतरने से चुनाव रोचक हो जाएगा।

    किसके सिर सजेगा जीत का ताज

    इधर, आइएनडीआइए गठबंधन की प्रत्याशी बेबी देवी अपने दिवंगत पति जगरनाथ महतो के किए गए विकास कार्य की बदौलत चुनाव में जीत हासिल करने का दावा कर रही हैं। साथ ही क्षेत्र में ताबड़तोड़ दौरा भी कर रही हैं।

    जबकि एनडीए रामगढ़ की तरह डुमरी सीट को भी हथियाना चाहता है। इसके लिए एनडीए गठबंधन दलों के दिग्गज नेताओं का तूफानी दौरा हो रहा है। वहीं मोबिन रिजवी खेमा अपनी जीत का दावा ठोक रहे हैं। देखना होगा कि विजेता की टोपी किसके सिर बंधेगी।