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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sawan 2025: वैधृति योग के साथ होगी सावन महीने की शुरुआत, इन लोगों की होगी चांदी

Published: Thu, 10 Jul 2025 01:20 PM (IST)

11 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है जो 9 अगस्त को समाप्त होगा। इस बार सावन में ...और पढ़ें

11 जुलाई से शुरू होगा शिव आराधना का पवित्र माह सावन
11 जुलाई से शुरू होगा शिव आराधना का पवित्र माह सावन

HighLights

  1. शुक्रवार 11 जुलाई से शुरू होगा श्रावण, शनिवार नौ अगस्त को होगा समापन
  2. सावन में पड़ेंगे चार सोमवार व पांच शुक्रवार, सुकून देगी झमाझम होती बारिश

जागरण संवाददाता, गिरिडीह। भगवान शिव की आराधना का पवित्र सावन माह 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। सावन महीने को लेकर भोले बाबा के भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार सावन में ग्रह नक्षत्र के कई विशेष संयोग बनने जा रहे हैं। यह संयोग किसी के लिए लाभप्रद हो सकता है तो किसी को सावधान भी रहना होगा।

सावन का महीना इस बार विशेषकर किसानों के लिए विशेष लाभदायक होगा। चूंकि सावन महीने में इस बार आषाढ़ महीने की भांति झमाझम बारिश जारी रहेगी। उक्त बातें ज्योतिषाचार्य पं. चेतन पांडेय ने कही। बताया कि सावन माह इस बार पूरे 30 दिनों का होगा।

श्रावण माह में कृष्ण पक्ष 14 दिनों का होगा जबकि शुक्ल पक्ष 16 दिनों का होगा। सावन का महीना इस बार शुक्रवार से शुरू हो रहा है जबकि शनिवार यानि नौ अगस्त को इसका समापन होगा।

सावन महीने में इस बार चार सोमवार व चार मंगलवार व्रत भी होंगे। नौ अगस्त को रक्षाबंधन यानि सावन पूर्णिमा का पवित्र व्रत व त्योहार के साथ इसका समापन होगा। इस बार सावन मास शिव भक्तों के लिए अपार सुख, समृद्धि और वैभव का योग लेकर प्रकट होगा।

वैधृति योग के साथ सावन हो रहा शुरू

वैधृति योग के साथ इस बार सावन शुरू हो रहा है और आयुष्मान व सौभाग्य योग के साथ इस मास की समाप्ति हो रही है। ज्योतिष के अनुसार यह योग जोरदार बारिश कराने वाला और शिव भक्तों के मनोरथ पूर्ण करने वाला होगा।

सोमवार, सावन मास, वैधृति योग, आयुष्मान व सौभाग्य योग सभी के स्वामी स्वत: शिव ही हैं। इस लिए इस बार का सावन खास है।

पुराणों के अनुसार सावन में भोले शंकर की पूजा, अभिषेक, शिव स्तुति, मंत्र जाप का खास महत्व है। खासकर सोमवार के दिन महादेव की आराधना से शिव और शक्ति दोनों प्रसन्न होते हैं।

इनकी कृपा से दैविक, दैहिक और भौतिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। निर्धन को धन और नि:संतान को संतान की प्राप्ति होती है। कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है।

पहला सोमवार 14 जुलाई व 4 अगस्त को अंतिम सोमवार

सावन में इस बार कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं। इसमें पहला सोमवार 14 जुलाई को होगा, दूसरा सोमवार 21 जुलाई, तीसरा सोमवार 28 जुलाई तथा अंतिम व चौथा सोमवार चार अगस्त को होगा।

सावन में सोमवार का है विशेष महत्व

सावन मास में प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व है। भगवान भोलेनाथ को पूरा सावन माह प्रिय है, लेकिन उसमें भी सोमवार का दिन भगवान को अत्यंत प्रिय है। शिव पुराण में सावन के सोमवार का विशेष महत्व बताया गया है।

इस दिन भगवान शिव की आराधना करने मात्र से हर मनोकामनाएं पूर्ण होती है। यही कारण है कि सावन के सोमवार को खासकर शिवालयों में शिव भक्तों की अपार भीड़ उमड़ती है।