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    भगवान जगरन्नाथ की रथ खींचने उमड़े श्रद्धालु

    By JagranEdited By:
    Updated: Fri, 05 Jul 2019 12:47 AM (IST)

    रथ यात्रा महोत्सव गुरुवार को जगह-जगह धूमधाम से मनाया गया। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जिसमें श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

    भगवान जगरन्नाथ की रथ खींचने उमड़े श्रद्धालु

    गिरिडीह : रथ यात्रा महोत्सव गुरुवार को जगह-जगह धूमधाम से मनाया गया। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली, जिसमें श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच गई। सभी रथ को खींच पुण्य का भागी बनने को आतुर थे।

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    गिरिडीह शहर में पुरातन शिवालय दर्जी मुहल्ला में भव्य रथयात्रा निकाली गई। पूरे शहर का भ्रमण करने के बाद गांधी चौक छोटकी दुर्गा मंडप स्थित मौसी बाड़ी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा को एक सप्ताह के लिए विश्राम में रखा गया। डालसा सचिव मनोरंजन कुमार समेत शहर के सैकड़ों लोग इस मौके पर मौजूद थे।

    पीरटांड़ : श्री जगन्नाथ मंदिर पालगंज में रथ यात्रा महोत्सव पूरे विधि विधान के साथ मनाया गया। जगन्नाथ मंदिर से रथ पर सवार भगवान जगन्नाथ स्वामी, अपने भाई बलभद्र स्वामी और बहन सुभद्रा मैया के साथ अपने मौसीबाड़ी यानी महादेव मंडा स्थित शिव मंदिर पहुंचे, जहां भगवान दो दिनों तक शाही विश्राम के बाद पुन: वापस लौट जाएंगे। रथ में बैठने से पूर्व पुजारी विमल उपाध्याय ने भगवान की महाआरती उतारी। इसे बाद कई धाíमक विधियां पूरी की गईं। पुजारी विमल उपाध्याय एवं शिवचरण उपाध्याय ने मंदिर के गुबंद में ध्वजा रोहन किया। इस दौरान महाप्रसाद यानी खिचड़ी, पका हुआ कटहल का कोआ एवं दहियोरी वितरण किया गया। इसके पश्चात भगवान को उनके भाई-बहन के साथ रथ में बैठाया गया।

    पूरे प्रखंड का एकलौता मंदिर होने के कारण भगवान को देखने ओर पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बताते चलें कि रथयात्रा के एक दिन पूर्व भी रात्रि में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। रात्रि में वंश रोपण किया गया। साथ ही मंदिर में विशेष पूजा की गई। रात भर भक्ति जागरण चला।

    दो दिन विश्राम करेंगे भगवान : रथ पर सवार होकर भगवान पूरे गांव का भ्रमण करते हुए मौसी बाड़ी पहुंचे। इस दौरान पूरा गांव भगवान के जयकारों से गूंज उठा। रथ को ढकेलने और खींचने के लिए श्रद्धालु काफी उत्साहित थे। लगभग एक घंटा के बाद भगवान अपने मौसी बाड़ी यानी शिव मंदिर पहुंचे, जहां वे दो दिनों तक शाही विश्राम करेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्वेतांक उपाध्याय, अनुज उपाध्याय, बासुकीनाथ उपाध्याय, नीलाभ, पुष्पम, वशिष्ठ उपाध्याय, अनंत मिश्रा, रामकिकर उपाध्याय, आलोक उपाध्याय आदि उपस्थित थे।

    सरिया : भगवान जगन्नाथ की रथ शोभा यात्रा बसु श्री कोठी से विधिवत साज-सज्जा के साथ निकाली गई, जो भगवान जगन्नाथ के मौसी बाड़ी (ठाकुरबाड़ी मंदिर) पहुंची। पूरे रास्ते शंख और ढोल की आवाज के साथ जय जगन्नाथ के नारों से क्षेत्र गूंज उठा। स्थानीय लोगों ने इस शोभायात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लिया और रथ खींचा। भगवान जगन्नाथ स्वामी, बलभद्र तथा बहन सुभद्रा का रथ ठाकुरबाड़ी मंदिर पहुंचते ही पुजारी ने पूजा-पाठ कर भगवान की आरती लगाई। भोग लगाकर प्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर के पुजारी अर्जुन दास ने बताया कि 12 जुलाई को पुन: भगवान जगन्नाथ स्वामी का रथ अपना आश्रम धूमधाम से वापस वापस लौटेगा। शोभायात्रा में अन्ना भाई जी, राजेश भाई जी, लक्ष्मी मोदी, अनिल मोदी, डॉ सूरज कुमार, प्रदीप साहू, नारायण मंडल, परमेश्वर मोदी, काली मंडल, भेखलाल यादव, सोनू, विक्की, हरि मोहन मंडल, टिकू, रीता देवी, पुष्पा देवी, स्मिता सिंह, स्वर्ण शिखा, दीपशिखा, रश्मि कुमारी आदि शामिल थे।