झारखंड-बिहार पुलिस को चकमा दे रहा पीर बाबा
गिरिडीह तिसरी के व्यवसायी बंधु अंशु बरनवाल व चंदन बरनवाल हत्याकांड के मुख्य आरोपित प्रभ

गिरिडीह : तिसरी के व्यवसायी बंधु अंशु बरनवाल व चंदन बरनवाल हत्याकांड के मुख्य आरोपित प्रभाकर मंडल उर्फ पीर बाबा एवं उसके शूटर देवा रविदास झारखंड व बिहार दोनों राज्यों की पुलिस को चकमा दे रहे हैं। मुंगेर के डीआइजी खुद हत्याकांड की मानिटरिग कर रहे हैं। एसआइटी गठित हो चुकी है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए बिहार पुलिस की तीन विशेष टीमें जमुई, मुंगेर, भागलपुर, लखीसराय के अलावा गुड़गांव एवं दिल्ली में छापेमारी हो रही है। बावजूद दोनों पकड़ में नहीं आ रहे हैं। पीर बाबा इतना शातिर है कि पुलिस के हत्थे चढ़ने से बचने के लिए अब तक दो सौ मोबाइल नंबर बदल चुका है। पीर बाबा की दो पत्नियां है। पहली पत्नी का नाम पूनम देवी है जो, धनबाद की रहने वाली है जबकि दूसरी पत्नी का नाम सुरभि देवी है, जो लखीसराय के गोपालपुर की रहने वाली है। पीर बाबा की दोनों पत्नियां भी भूमिगत है। लाख कोशिश के बावजूद बिहार पुलिस पीर बाबा एवं उसकी दोनों पत्नियां तक नहीं पहुंच सकी है। देवा रविदास भी सपरिवार फरार है। बिहार पुलिस ने दोनों भाइयों की अस्थि का डीएनए जांच कराएगी। अस्थियों को भागलपुर फोरेंसिक टीम ने सुरक्षित रखा है। वहीं से कुछ अस्थियों को लाकर स्वजनों ने दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार मंगलवार को तिसरी में कर दिया था।
पीर बाबा गिरिडीह पुलिस को पहले ही चकमा दे चुका है। व्यवसायी बंधु के गायब होने के बाद गिरिडीह जिला की तिसरी थाना पुलिस पीर बाबा को गुड़गांव से पकड़कर लाई थी। तीन दिनों तक तिसरी थाना में हिरासत में रखने के बाद उसे रिहा कर दिया गया था। दिवंगत व्यवसायी बंधु के भाई कुंदन बरनवाल ने बताया कि तिसरी के थानेदार के समक्ष उन्होंने बार-बार कहा था कि उसके दोनों भाई इसी पीर बाबा के कब्जे में हैं। इसके बावजूद बेकसूर बताते हुए उसे तिसरी थाना से रिहा कर दिया गया। इसके बाद व्यवसायी बंधु की हत्या हो गई थी। पीर बाबा ने रुपये डबल करने का प्रलोभन देकर दोनों भाइयों से 40 लाख रुपये ठगे थे। देने की बारी आई तो मार दिया।
22 जून को दोनों भाई अपने घर तिसरी के पंदनाटांड़ से बाइक से राजधनवार के डोरंडा के लिए निकले थे। उस दिन से ही दोनों लापता थे। इसकी पहले सन्हा तिसरी थाना एवं बाद में प्राथमिकी बिहार के जमुई जिले के खैरा थाना में दर्ज कराई गई थी। बाद में जमुई जिले के खैरा के डैम में अंशु बरनवाल का पर्स मिला था। इसके बाद 22 जुलाई को वहां से कुछ किमी. की दूरी पर स्थित जंगल से दोनों भाइयों की बाइक एवं नरकंकाल स्वजनों ने बरामद किया था।
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पीर बाबा समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी : नरकंकाल बरामद होने के बाद व्यवसायी बंधु के भाई कुंदन कुमार ने खैरा थाना में 22 जुलाई को पीर बाबा प्रभाकर मंडल, उसके भाई दिवाकर मंडल, देवा रविदास एवं कारू मियां के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। खैरा थाना पुलिस ने दिवाकर मंडल एवं कारू मियां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पीर बाबा एवं देवा रविदास फरार है।
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व्यवसायी बंधु हत्याकांड में दिवाकर मंडल एवं कारू मियां को गिरफ्तार कर जमुई जेल भेज दिया गया है। प्रभाकर मंडल एवं देवा रविदास की गिरफ्तारी के लिए बिहार के कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है। दोनों को हर हाल में गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
एके आजाद, अनुसंधानकर्ता खैरा थाना, जमुई
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