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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हत्या की धमकी से डोली मजदूर बना माओवादी

By JagranEdited By:
Published: Thu, 03 Feb 2022 01:07 AM (IST)

संवाद सहयोगी गिरिडीह/पीरटांड़ नक्सलियों के प्रतिरोध दिवस के दौरान खुखरा मधुबन डुमर

हत्या की धमकी से डोली मजदूर बना माओवादी
हत्या की धमकी से डोली मजदूर बना माओवादी

संवाद सहयोगी, गिरिडीह/पीरटांड़ : नक्सलियों के प्रतिरोध दिवस के दौरान खुखरा, मधुबन, डुमरी थाना क्षेत्रों में हुए विस्फोट के बाद पुलिस रेस हो गई। उन घटनाओं में शामिल सभी नक्सलियों को पुलिस गिरफ्तार करने में जुट गई है। धीरे-धीरे माओवादियों का चेहरा सामने आने लगा है।

इसी कड़ी में डुमरी थाने की पुलिस ने मधुबन थाना की पुलिस के सहयोग से मंगलवार को कुबरी गांव निवासी एतवारी किस्कू को गिरफ्तार किया। उसे बुधवार को चिकित्सीय जांच के लिए सदर अस्पताल लाया गया। यहां के बाद उसे न्यायिक पदाधिकारी के समक्ष पेश किया गया। फिर उसे न्यायिक हिरासत में केंद्रीय कारा भेज दिया गया। मधुबन थाना प्रभारी दिलशान बिरुआ ने बताया कि एतवारी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया है। वह मधुबन,खुखरा, डुमरी इलाके में हुए बम विस्फोट कांड में शामिल रहा है। पिछले दिनों जो नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं, उन्हीं लोगों का सदस्य एतवारी भी है।

पूछताछ के क्रम में एतवारी ने बताया कि वह पहले डोली मजदूर था। मजदूरी करते समय दस्ता के लोग आते थे और उसे पुलिस का दलाल कह कर धमकाते थे। दस्ता में शामिल नहीं होने पर पुलिस का दलाल कहकर हत्या करने की धमकी दी जाती थी। अपनी जान बचाने के लिए वह कृष्णा हासंदा के दस्ता में शामिल हो गया। कृष्णा दा के कहने पर वह बाइक से घटना स्थल तक विस्फोटक पहुंचाने का काम करता था। कृष्णा दा ही विस्फोटक लाकर देता था। कृष्णा दा एक अंगरक्षक के साथ बाइक से विस्फोटक को झोला में भर कर आता था। दोनों के पास एके-47 है। विस्फोटक ढोलकट्टा गांव तरफ से लाया जाता था। बताया कि कृष्णा की उम्र लगभग 50 साल होगी। कृष्णा की दो लड़की की व एक लड़का है। उसका घर पीरटांड़ के मंझलाडीह है। माओवादी मिसिर बेसरा व अजय महतो का नाम सुने हैं पर मिले नहीं हैं।