गिरिडीह में फणि का असर, झमाझम बारिश, तापमान घटा
शहर से लेकर गांव तक फोनी सुनामी की आशंका को लेकर लोग चौकस हैं। लोग अपने स्तर से इससे निबटने को अलर्ट हैं। इधर सुनामी की पुर्वानुमान से मौसम ने भी रंग दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से लेकर शाम तक आसमान में कभी हल्का बादल तो कभी काली घटा छाई रही। एक दिन पहले तक चिलचिलाती धूप से परेशान रहने वाले लोगों को आसमान में छाया बादल राहत देने का काम किया लकिन सुनामी की आशंकासे भी लोग हलकान रहे। गांव से शहर तक के लोगों को दिन भर सूर्य का दर्शन भी नहीं हुआ।
जागरण संवाददाता, गिरिडीह : चक्रवाती तूफान फणि से खतरे की आशंका के मद्देनजर शहर से लेकर गांव तक लोग चौकस रहे। पूर्वानुमान के अनरूप से मौसम का मिजाज शुक्रवार सुबह से ही बदल गया। सुबह होते ही आसमान में काली घटा छा गई और सूरज बादलों की ओट में छिप गया। दोपहर बाद एक दो जगहों पर मूसलधार बारिश हुई।
एक दिन पहले तक चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों को बादलों ने राहत दी मगर फणि की आशंका से हलकान रहे। दिनभर सूर्य का दीदार नहीं हुआ। रुक-रुक कर कभी धीमी हवा तो कभी तेज हवाओं का झोंका चलता रहा। बीच-बीच में रिमझिम बारिश तापमान को कम करने में मददगार बनी रही। तेज हवाएं परेशानियों की वजह बनी। हालांकि तेज हवा व बारिश से भले ही लोगों को चक्रवाती तूफान का भय सताता रहा,लेकिन मौसम में नमी आने के साथ ही तापमान में एकाएक काफी गिरावट आई है। दो दिन पहले तापमान 44.3 डिग्री तक पहुंच गया था। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया था। मगर इस फणि के कारण बारिश होने से तापमान में करीब 19 डिग्री की गिरावट आई। शुक्रवार को जिले में 25 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया। खतरे की आशंका से अधिकतर लोग अपने घरों में कैद होने लगे। शाम ढलने के पहले ही बाजार में पूरी तरह सन्नाटा छा गया। स्कूलों में छुंिट्टयां थीं। मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है।
आम समेत अन्य फसलों को नुकसान: फणि के कारण जिले में तेज हवाएं चल रही हैं। इस कारण आम को काफी नुकसान पहुंच रहा है। हवा के कारण पेड़ों में लगे आम टूट कर बर्बाद हो गए। इसके अलावा किसानों को भी आम के साथ-साथ मौसमी फसलों व सब्जियों में भी क्षति हुई है।
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जिला प्रशासन ने किया अलर्ट
ओडिशा के तटीय इलाके से इस तूफान की झारखंड की ओर आने की आशंका से जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। इसके तहत जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को चार मई तक के लिए जिला प्रशासन के आदेश पर बंद कर दिया गया है।
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फणि का मतलब विषधर
साइक्लोन का नामकरण अलग-अलग देश करते हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान, बाग्लादेश, श्रीलंका, म्यामार, ओमान, थाईलैंड और मालदीव शामिल हैं। इस बार नामकरण की बारी बाग्लादेश की थी। बाग्लादेश ने साइक्लोन का नाम फणि रखा। बागला भाषा के जानकार बिनोद बिहारी महतो कोयलाचल विश्वविद्यालय के पीजी बाग्ला विभाग के शिक्षक डॉ. जय गोपाल मंडल के मुताबिक फणि का अर्थ विषधर साप है।
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