गिरिडीह में वोट चोरी के खिलाफ निकले थे सत्याग्रह करने, आपस में ही भिड़े कांग्रेसी; बीच सड़क पर कॉलर पकड़ा-पकड़ी
Gyanesh Kumar Protest: गिरिडीह में INDIA ब्लॉक के सत्याग्रह मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में अनुशासनहीनता और आपसी झड़प देखने को मिली।

गिरिडीह में प्रदर्शन के दाैरान आपस में भिड़ते कांग्रेसी। (फोटो साैजन्य)
HighLights
INDIA ब्लॉक ने गिरिडीह में सत्याग्रह मार्च निकाला।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हुई आपसी झड़प।
जागरण संवाददाता, गिरिडीह। INDIA Block की ओर से मंगलवार को शहर में सत्याग्रह मार्च निकालकर देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित धांधली के विरोध में आवाज बुलंद की गई।
मार्च के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। इसमें कांग्रेस और माले के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जबकि राजद और फाब्ला के इक्के-दुक्के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। वहीं, झामुमो ने इस विरोध प्रदर्शन से पूरी तरह दूरी बनाए रखी।
सत्याग्रह मार्च में शामिल कार्यकर्ता ‘भाजपा के एजेंट ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’, ‘वोट चोरी नहीं चलेगी’ और ‘वोट चोर गद्दी छोड़ो’ जैसे नारे लगा रहे थे।
अनुशासन को लेकर कार्यकर्ताओं में दिखी खींचतान
सत्याग्रह मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में अनुशासन को लेकर भी खींचतान देखने को मिली। कार्यकर्ता पहले फोटो खिंचवाने को लेकर आपस में आगे-पीछे होते रहे।
वहीं, जेपी चौक के पास मामला उस समय बिगड़ गया, जब दो कार्यकर्ता आपस में उलझ गए। बात कॉलर पकड़ने तक पहुंच गई।
आरोप है कि वरिष्ठ कार्यकर्ता नदीम अख्तर ने दूसरे वरिष्ठ कार्यकर्ता समीर चौधरी को पकड़कर सत्याग्रह के दौरान बीच सड़क पर धकेल दिया। इससे मौके पर कुछ देर के लिए विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
जिलाध्यक्ष सतीश केडिया लगातार कार्यकर्ताओं से अनुशासन में रहने की अपील करते रहे, लेकिन उनकी अपील का असर नहीं दिखा। बाद में झंडा मैदान में भी कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान जारी रही।
स्थिति से नाराज जिलाध्यक्ष को बैनर उठाकर वहां से बाहर निकलना पड़ा। बैनर के पास किसी कार्यकर्ता को खड़ा होने के लिए बुलाए जाने पर भी कुछ कार्यकर्ता एक-दूसरे पर टिप्पणी करते हुए वहां से हटते रहे।
अभद्र व्यवहार की पार्टी में होगी शिकायत
अपने साथ हुए कथित अभद्र व्यवहार को लेकर डॉ. समीर चौधरी ने कहा कि नदीम अख्तर झंडा मैदान में पहले जिलाध्यक्ष से उलझे। इसके बाद कुछ दूरी पर जिला प्रभारी सुरेंद्र सिंह के सामने भी बार-बार आ रहे थे, जिन्हें वहां से हटाया गया।
बाद में वह उनके साथ भी उलझ गए और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार संगठन के हित में ठीक नहीं है। इसकी शिकायत पार्टी में की जाएगी और आगे पार्टी ही इस मामले में निर्णय लेगी।
नदीम अख्तर से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
इस संबंध में जिलाध्यक्ष सतीश केडिया ने कहा कि कार्यकर्ता की ओर से किए गए अभद्र व्यवहार की पूरी घटना की जानकारी उन्हें है। मामले की जांच कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि अनुशासन तोड़ने वाले कार्यकर्ता के खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन तक की कार्रवाई संभव है।
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