गिरिडीह उपचुनाव में झामुमो की श्वेता शर्मा का नाम तय, भाजपा में दावेदारों की बढ़ी सक्रियता
Giridih By election को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। झामुमो की ओर से दिवंगत विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा का नाम तय है।

झामुमो की श्वेता शर्मा। (एआइ फोटो)
HighLights
झामुमो ने गिरिडीह उपचुनाव के लिए श्वेता शर्मा का नाम तय किया।
भाजपा में पीरटांड़ क्षेत्र से दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है।
पिछले चुनाव में पीरटांड़ ने गिरिडीह की चुनावी तस्वीर बदली थी।
संवाद सहयोगी, पीरटांड़ (गिरिडीह)। गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। गिरिडीह के विधायक सह राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के कारण उपचुनाव होना है।
चुनाव आयोग ने उपचुनाव की तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि छह महीने के अंदर उपचुनाव होगा। गिरिडीह सीट पर झामुमो की तरफ से दिवंगत विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा का नाम तय है। सिर्फ घोषणा शेष है।
श्वेता शर्मा पिछले कुछ दिनों से लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। बुधवार को उन्होंने पीरटांड़ के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से मुलाकात भी की। इसे झामुमो की पकड़ फिर से मजबूत करने के चश्मे से देखा जा रहा है।
इधर, भाजपा में भी टिकट को लेकर दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के निर्भय कुमार शाहाबादी दूसरे स्थान पर रहे थे।
सुदिव्य कुमार सोनू को 94,042 वोट मिले थे, जबकि निर्भय शाहाबादी को 90,204 मत प्राप्त हुए थे। दोनों के बीच महज 3,838 मतों का अंतर रहा था।
पीरटांड़ ने बदली थी चुनाव की तस्वीर
पिछले विधानसभा चुनाव में गिरिडीह शहरी और मुफस्सिल क्षेत्र में भाजपा को बढ़त मिली थी, लेकिन पीरटांड़ क्षेत्र में झामुमो को मिली बढ़त ने चुनाव की तस्वीर बदल दी थी।
चुनाव परिणाम के बाद प्रकाशित रिपोर्टों में भी पीरटांड़ को सुदिव्य सोनू की जीत में महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया था। यही कारण है कि इस बार भाजपा के भीतर पीरटांड़ को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
स्थानीय कार्यकर्ताओं का एक वर्ग पीरटांड़ से ही किसी स्थानीय चेहरे को विधानसभा उपचुनाव में मौका देने की मांग उठा रहा है। इंटरनेट मीडिया पर भी पीरटांड़ के कई भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं।
भाजपा में कई दावेदार
पीरटांड़ क्षेत्र से भाजपा की राजनीति में सक्रिय श्याम प्रसाद, अमर तुरी, सिकंदर हेंब्रम, मनोज साहू सहित कुछ अन्य नामों की चर्चा संभावित दावेदारों के रूप में हो रही है।
ये लोग अपने-अपने स्तर से क्षेत्र में जनसंपर्क और राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा रहे हैं। हालांकि, भाजपा की ओर से इनमें से किसी के नाम की आधिकारिक घोषणा या उम्मीदवारी की पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा के लिए पीरटांड़ इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में यह लंबे समय से चुनावी गणित को प्रभावित करता रहा है। पूर्व में भी चुनावी परिणामों के विश्लेषण में पीरटांड़ और मुफस्सिल क्षेत्र को महत्वपूर्ण माना जाता रहा है।
बन रहा राजनीतिक माहौल
उपचुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने का कार्यक्रम है, जिसके बाद उपचुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।
ऐसे में भाजपा के संभावित उम्मीदवारों को लेकर अभी से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। गिरिडीह सदर से लेकर पीरटांड़ तक कई चेहरे अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं।
आने वाले दिनों में दावेदारों की सक्रियता बढ़ने के साथ ही भाजपा के टिकट को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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