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    तरबूज की खेती से संवर रही जिंदगी, किसान कर रहे हैं लाखों की कमाई; कई हजार किलो से अधिक हो रहा उत्‍पादन

    Updated: Tue, 21 May 2024 11:16 AM (IST)

    डुमरी के तारडका गांव में आजकल तरबूज की खूब खेती हो रही है। किसान इससे लाखों की आमदनी कर रहे हैं जिससे उनकी जिंदगी संवर रही है। पथरिया की फुलमनी हेंब्रम ने 7500 किलो तरबूज का उत्पादन किया है। इससे डेढ़ लाख आय हुई है। इसी तरह सविता हेंब्रम छोटकी देवी एतो हेंब्रम ने तरबूज बेच कर लगभग साढ़े तीन लाख रुपये की आमदनी की है।

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    तारडका में तरबूज की खेती करती कृषक फुलमती हेंब्रम

    संवाद सहयोगी, डुमरी। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन और जनजागरण केंद्र की ओर से संचालित परियोजना समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत डुमरी प्रखंड के 15 गांवों में कार्य किया जा रहा है।

    अतकी, छछंदों, टेसाफुली, हुंड्रो गांव में इसके सहयोग से लगभग 100 किसानों के बीच चार क्विंटल मूंग का बीज वितरण किया गया है। इसकी उपज बहुत अच्छी हुई है। लगभग 11 टन मूंग उत्पादन होने की संभावना है। इससे सभी किसान खुश हैं।

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    तरडाका पथरिया में तरबूज की खूब हो रही खेती

    समग्र ग्रामीण विकास के तहत सोलर सिंचाई तालाब का निर्माण, कूप का निर्माण, टपक सिंचाई किसान पाठशाला, नर्सरी के लिए पोलीहाउस का निर्माण किया गया है। किसान वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर अपनी आय को बढ़ा रहे हैं।

    जो किसान पहले वर्षा आधारित ही खेती करते थे वे अब तालाब सोलर सिंचाई कूप के निर्माण से रवि फसलों के साथ-साथ गर्मा फसल की भी उपज कर रहे हैं।

    फिलहाल तरडाका पथरिया में तरबूज की खेती कर रहे हैं। इसमें पथरिया की फुलमनी हेंब्रम ने 7500 किलो तरबूज का उत्पादन किया है। इससे डेढ़ लाख आय हुई है।

    इसी तरह सविता हेंब्रम, छोटकी देवी, एतो हेंब्रम ने तरबूज बेच कर लगभग साढ़े तीन लाख रुपये की आमदनी की है। तरडाका की ममता देवी ने 3500 किलो तरबूज का उत्पादन किया है। इससे उन्हें 70 हजार रुपये की आय हुई है।

    तरबूज की खेती से संवर रही किसानों की जिंदगी

    तरडाका की नागेश्वरी ने 2500 किलो, चमेली देवी ने 5600 किलो, सोनी देवी ने 5800 किलो तरबूज का उत्पादन किया है। इससे किसान लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं। अभी बाजार में तरबूज 20 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है।

    अगर एचडीएफसी बैंक इसी तरह दूसरे गांवों में भी परियोजना को चलाए तो बहुत से किसानों की स्थिति में सुधार हो सकता है। इस परियोजना को संचालित करने में जनजागरण केंद्र के कर्मी किसान को जागरूक कर रहे हैं। संस्था के केंद्र समन्वयक भुपेंद्र उपाध्याय, हरिबोल लोहरा, प्रमोद महतो, जितेंद्र कुमार व किशोर मुर्मू की भूमिका अहम है।

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